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नेताओं को मोबाइल नंबर बांटते फ‍िर रहे डोनाल्‍ड ट्रंप, कह रहे- हमें सीधे क‍िया कीज‍िए फोन

ट्रंप ने मेक्सिको और कनाडा के नेताओं के अलावा फ्रांस के राष्ट्रपति एमानुअल मैक्रोन को भी अपना नंबर दिया। फ्रंच अधिकारियों के मुताबिक ट्रंप के एमानुअल मैक्रोन के साथ भी नंबरों की अदला-बदली की थी।
दुनिया के नेताओं को फोन नंबर दे रहे ट्रंप। (AP Photo)

राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद से चर्चाओं में रहे यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप अपने नए काम को लेकर सुर्खियों में हैं। ट्रंप विश्व भर के नेताओं को अपना नंबर बांट रहे हैं और सीधे उनसे (ट्रंप) बात करने का आग्रह कर रहे हैं। ट्रंप का यह आसामान्य न्योता डेमोक्रेटिक प्रोटोकाल का उल्लंघन है और इससे अमेरिकी कमांडर इन चीफ की सुरक्षा और गोपनीयता की चिंताएं पैदा हो रही हैं। इस अभ्यास से जुड़े अमेरिका के पूर्व और वर्तमान अधिकारियों के मुताबिक ट्रंप ने कनाडा और मेक्सिको के नेताओँ को फोन नंबर दिया और सीधे बात करने की अपील की थी। अधिकारियों का कहना है कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूंडो ने अभी तक ट्रंप के इस ऑफर का फायदा उठाया है। अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि वह इस बातचीत का खुलासा करने के लिए अधिकृत नहीं। ना तो व्हाइट हाउस की ओर से और न ही ट्रूंडो के ऑफिस की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया दी गई है।

ट्रंप ने मेक्सिको और कनाडा के नेताओं के अलावा फ्रांस के राष्ट्रपति एमानुअल मैक्रोन को भी अपना नंबर दिया। फ्रंच अधिकारियों के मुताबिक ट्रंप के एमानुअल मैक्रोन के साथ भी नंबरों की अदला-बदली की थी और दोनों ने इस महीने की शुरुआत में मैक्रोन की जीत के बाद बात की थी। हालांकि मैक्रोन की ओर से ऐसा करने के पीछे क्या वजह रही, इस पर अधिकारियों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। दुनिया के नेताओं का सेलफोन को बात करना आज के आधुनिक मोबाइल वर्ल्ड में साधारण बात लगती है, लेकिन राजनयिक क्षेत्र के हिसाब से दुनिया के नेताओं का बात करना बहुत की आसामान्य मामला है। साथ ही राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के उल्लंघन का भी मामला है, जो कि आधिकारिक चैनलों के प्रति अविश्वास को व्यक्त करता है।

कूटनीति की औपचारिकताएं और अनुशासन में फिट होना ट्रंप के लिए थोड़ा दिक्कत भरा हो सकता है, जो कि राष्ट्रपति नहीं बनने से पहले लोगों के साथ फोन पर जुड़े रहते थे और अपना काम करते हैं। सामान्य तौर पर राष्ट्रपति को सुरक्षित फोन लाइन्स का इस्तेमाल करना होता है, जिसमें व्हाइट हाउस सिचुएशन रूम, द ओवल ऑफिर या राष्ट्रपति की लिमोजीन कार शामिल है। पेंटागन के पूर्व एडवाइजर और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के अधिकारी रहे डेरेक का कहना है कि अगर आप एक ओपन लाइन पर बात कर रहे हैं तो वह ओपन होती है। इसका मतलब है कि कोई आपकी बातचीत को मॉनिटर कर सकता है। उनका कहना है कि अगर राष्ट्रपति एक सिक्योर फोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो कोई जासूसी कर सकता है और जो बात की जाएगी उसको सुन सकता है।

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