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विकीलीक्स का दावा- NSA ने हैक किया पाकिस्तानी मोबाइल सिस्टम, बीजेपी की जासूसी का भी आरोप

विकीलीक्स ने दावा किया है कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NSA) ने पाकिस्तान के मोबाइल नेटवर्किंग सिस्टम को हैक किया है। विकीलीक्स ने ट्वीट करके बताया कि पाकिस्तान के मोबाइल सिस्टम को हैक करने के लिए कोड सहित एनएसए के सैकड़ों साइबर हथियार के वर्जन सार्वजनिक रूप से जारी किए गए हैं। विकीलीक्स ने […]

पाकिस्तान की मोबाइल नेटवर्किंग सिस्टम को किया एनएसए ने किया हैक। (Representative Image)

विकीलीक्स ने दावा किया है कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NSA) ने पाकिस्तान के मोबाइल नेटवर्किंग सिस्टम को हैक किया है। विकीलीक्स ने ट्वीट करके बताया कि पाकिस्तान के मोबाइल सिस्टम को हैक करने के लिए कोड सहित एनएसए के सैकड़ों साइबर हथियार के वर्जन सार्वजनिक रूप से जारी किए गए हैं। विकीलीक्स ने अपने ट्वीट में एक लिंक भी दिया है, जिसे एनएसए साइबर हथियारों से संबंधित डिक्रिप्टेड फाइलें बताया गया है। यह कोई पहली बार नहीं है जब अमेरिका की खुफिया एजेंसी एनएसए पर जासूसी का आरोप लगा हो। इससे पहले भी कई बार एनएसए द्वारा विदेशी सरकारों, अतंराष्ट्रीय संगठनों इत्यादि जासूसी किए जाने की बात सामने आ चुकी हैं।

कथित तौर पर यह बात सामने आई थी कि एनएसए को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) समेत विदेशी राजनीतिक दलों की जासूसी करने के लिए अधिकृत किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि बीजेपी के अलावा एनएसए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की जासूसी भी करती है। अमेरिकी जासूसी कार्यक्रम के पूर्व कांट्रेक्टर एडवर्ड स्नोडेन की ओर से दी जानकारी को आधार बनाते हुए दावा किया गया था कि भारत और भाजपा की जासूसी का ठेका एनएसए को दिया गया था। जिस पर भारत की ओर से कड़ी नाराजगी जताई गई थी और अमेरिका को इस बात से अवगत कराया गया था।

एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक एक क्लासीफाइड डॉक्यूमेंट सामने आया था, जिससे खुलासा हुआ था कि एनएसए को एफआईएसए कोर्ट सर्टिफिकेशन के अंतर्गत कई देशों, कुछ अंतराराष्ट्रीय संगठनों और पॉलिटिकल पार्टियों की जासूसी के लिए अधिकृत किया गया है। अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक फॉरेन इंटेलीजेंस सर्विलांस कोर्ट ने जिन छह विदेशी राजनीति दलों की जासूसी की मंजूरी दी थी, उनमें भाजपा भी है। इस तरह से नजर रखने के संबंध में हर साल अदालत से एक नए प्रमाणन के लिए एफआइएसए संशोधन अधिनियम की धारा-702 के तहत मंजूरी लेनी होती है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चार देशों को छोड़कर कोई भी विदेशी सरकार एनएसए के दायरे से बाहर नहीं है। ये चार देश ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड हैं। नजर रखने के लिए प्रमाणन के संबंध में विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हैं। समाचार पत्र के अनुसार जरूरी नहीं है कि एनएसए प्रमाणन में चिह्नित सभी देशों या संगठनों को निशाना बनाता हो। उसे ऐसा करने के लिए केवल अधिकृत किया गया है।

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