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वीडियोः नॉर्थ कोरिया के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए अमेरिका ने इंटरसेप्टर से दागी बैलिस्टिक मिसाइल

अमेरिका ने लंबी दूरी के उन्नत इंटरसेप्टर का इस्तेमाल कर अंतर्महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक भेद दिया जो अपनी तरह का पहला परीक्षण है और इसे उत्तर कोरिया से बढ़ते खतरे से निपटने की अमेरिका की क्षमता के तौर पर देखा जा रहा है।

Author वाशिंगटन | Updated: May 31, 2017 3:21 PM
अमेरिका ने लंबी दूरी के उन्नत इंटरसेप्टर का इस्तेमाल कर अंतर्महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक भेद दिया जो अपनी तरह का पहला परीक्षण है और इसे उत्तर कोरिया से बढ़ते खतरे से निपटने की अमेरिका की क्षमता के तौर पर देखा जा रहा है।

अमेरिका ने लंबी दूरी के उन्नत इंटरसेप्टर का इस्तेमाल कर अंतर्महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक भेद दिया जो अपनी तरह का पहला परीक्षण है और इसे उत्तर कोरिया से बढ़ते खतरे से निपटने की अमेरिका की क्षमता के तौर पर देखा जा रहा है। अमेरिकी सेना ने मार्शल द्वीप में ख्वाजालेन एटॉल से कल अंतर्महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल जैसा हथियार छोड़ा, जिसे कैलिफोर्निया में वेन्देंबर्ग वायु सेना अड्डे से लॉन्च किए गए इंटरसेप्टर ने मार गिराया। अमेरिकी मिसाइल रक्षा एजेंसी के निदेशक वाइस एडमिरल जिम सीरिंग ने कहा, ‘‘यह प्रणाली हमारे देश की रक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण है और यह परीक्षण दिखाता है कि हम एक वास्तविक खतरे से निपटने में सक्षम हैं।’’

इस परीक्षण की सफलता आईसीबीएम मिसाइलों के खिलाफ जमीन आधारित प्रभावी रक्षा प्रणाली स्थापित करने में अमेरिकी सेना के प्रयासों के लिए ऐतिहासिक क्षण था। इस रक्षा प्रणाली के एक बार के परीक्षण पर 25 करोड़ डॉलर का खर्चा आया है। यह परीक्षण ऐसे समय में किया गया जब इससे एक दिन पहले उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइल का एक अन्य परीक्षण किया। उत्तर कोरिया के लगातार मिसाइल परीक्षणों से अमेरिका चिंतित हो गया है। उत्तर कोरिया से अमेरिकी महाद्वीप की दूरी करीब 9,000 किलोमीटर है। आईसीबीएम मिसाइलों की न्यूनतम दूरी करीब 5,500 किलोमीटर है लेकिन कुछ मिसाइलों को 10,000 किलोमीटर और इससे अधिक दूरी तक जाने के लिए विकसित किया गया है।

पेंटागन प्रवक्ता नेवी कैप्टन जेफ डेविस ने कहा कि कल का परीक्षण केवल उत्तर कोरिया के साथ बढ़ते तनावों के जवाब में नहीं था, बल्कि इसका एक वृहद मकसद है, उत्तर कोरिया भी एक कारण है कि क्यों हमारे पास यह क्षमता होनी चाहिए। डेविस ने कहा, ‘‘वे खतरनाक बयानबाजी करते हुए लगातार परीक्षण कर रहे हैं जैसा कि हमने इस सप्ताहांत देखा। इससे संकेत मिलता है कि वे अमेरिकी सरजमीं पर हमला करेंगे।’’

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