अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के ईरान के प्रयास से प्रभावित देशों से आग्रह किया है कि वे इस समुद्री मार्ग को सुरक्षित करने के लिए पोत भेजें। वहीं, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर NATO के सदस्य देश होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयासों का समर्थन नहीं करते हैं तो नाटो का भविष्य बुरा हो सकता है।

रविवार को फाइनेंशियल टाइम्स में प्रकाशित एक इंटरव्यू के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर NATO के सदस्य देश होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयासों का समर्थन नहीं करते हैं तो नाटो का भविष्य बुरा हो सकता है। ट्रंप ने कहा कि जिन देशों को इस महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग से लाभ होता है उन्हें यह सुनिश्चित करने में मदद करनी चाहिए कि यह मार्ग खुला रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “यह बिल्कुल उचित है कि जो लोग जलडमरूमध्य से लाभान्वित होते हैं वह यह सुनिश्चित करने में मदद करेंगे कि वहां कुछ भी बुरा न हो।”

जिनपिंग के साथ होने वाले शिखर सम्मेलन को स्थगित कर सकते- ट्रंप

ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज भेजने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका तटरेखा पर बमबारी जारी रखेगा और ईरानी पोतों, नौकाओं को निशाना बनाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर चीन इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट नहीं करता है तो वह इस महीने के अंत में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाले शिखर सम्मेलन को स्थगित कर सकते हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया, “मुझे लगता है कि चीन को भी मदद करनी चाहिए क्योंकि चीन को अपने तेल का 90% हिस्सा जलडमरूमध्य से मिलता है।” उन्होंने आगे कहा कि यात्रा करने से पहले वह बीजिंग का रुख जानना पसंद करेंगे। संभावित यात्रा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “हम इसे स्थगित कर सकते हैं।”अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ऊर्जा आपूर्ति के सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करने के लिए समुद्री परिवहन मार्ग पर निर्भर देशों का सहयोग महत्वपूर्ण है।

ईरान ने यूएई के तीन बंदरगाहों को खाली करने का आग्रह किया

वहीं, दूसरी ओर ईरान ने अमेरिका और इजरायल के साथ उसके युद्ध के समाप्त होने के कोई आसान नजर नहीं आने के बीच, लोगों से संयुक्त अरब अमीरात के तीन बंदरगाहों को खाली करने का आग्रह किया। ईरान ने पश्चिम एशिया के सबसे व्यस्त बंदरगाह और संयुक्त अरब अमीरात के दो अन्य बंदरगाहों को खाली करने का आह्वान किया है। यह पहली बार है जब ईरान ने किसी पड़ोसी देश की गैर-अमेरिकी संपत्तियों पर हमले की खुले तौर पर धमकी दी है।

ईरान ने कोई सबूत दिए बिना कहा कि अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात के मुख्य टर्मिनल वाले खार्ग द्वीप पर हमला करने के लिए संयुक्त अरब अमीरात में बंदरगाहों और ठिकानों का इस्तेमाल किया। उसने लोगों से उन इलाकों को छोड़ने का आग्रह किया, जहां उसके अनुसार अमेरिकी बलों ने शरण ली है। ईरानी हमलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को प्रभावित किया है जो कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है।

संपादकीय: तेल ठिकानों पर हमले से भड़की जंग की आग

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के हमले शुरू होने के बाद युद्ध में अब जो तौर-तरीके अपनाए जाने की खबरें आ रही हैं, उससे यह चिंता गहराने लगी है कि इसका असर किस रूप में सामने आएगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें