अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध लगातार खतरनाक होता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों से उत्पन्न खतरों का हवाला देते हुए कहा कि यह अभियान ईरान के शासन को रोकने का आखिरी और सबसे अच्छा मौका है। अमेरिका और इजराइल ने ईरान में बैलिस्टिक मिसाइल सुविधाओं और नौसेना बलों सहित 1,250 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं, जिनमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई की कसम खाई है और उसके सहयोगी, जिनमें हिजबुल्लाह भी शामिल है, इजराइल और क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।
पढ़ें परी खबर- खामेनेई की मौत के बाद ईरान और दुनिया किस दिशा में आगे बढ़ेंगे? जानिए हर सवाल का जवाब | Explained
प्रमुख जानने योग्य बातें
ईरान लगातार अपने पड़ोसी देशों में बने अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है। इसको लेकर कतर के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि इस तरह के हमले को बिना जवाबी कार्रवाई के नहीं छोड़ा जा सकता है और ईरान को इसकी कीमत चुकानी होगी। दूसरी ओर सेंटकॉम ने पुष्टि की है कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए और 5 गंभीर रूप से घायल हुए।
निशाने पर तेहरान- इजरायली सेनाएं ईरानी राजधानी के केंद्र को निशाना बना रही हैं; सरकारी इलाकों के पास कई विस्फोटों की खबर मिली है। इजरायल रक्षा बलों ने लेबनान की राजधानी और हिजबुल्लाह के गढ़ बेरूत पर भी हमले किए हैं।
खाड़ी देशों को दिया अल्टीमेटम- तेहरान ने आधिकारिक तौर पर सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन को चेतावनी दी है कि यदि वे पश्चिमी सेनाओं की सहायता करते हैं तो वे वैध सैन्य लक्ष्य होंगे।
Iran-Israel War LIVE: ईरान-अमेरिका और इजरायल युद्ध से संबंधित खबरों के लेटेस्ट अपडेट्स के लिए जुडे रहें जनसत्ता डॉट कॉम के साथ...
खामेनेई को लेकर गलत बातें फैलाई गई- अब्दुल मजीद
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा, "...मैंने कहा था कि हम एक नैरेटिव युद्ध में हैं और बहुत सारी फर्जी खबरें फैलाई जाती हैं। लोग कह रहे थे कि अयातुल्लाह अली खामेनेई तहखाने में या किसी बहुत सुरक्षित जगह पर रहते हैं। लेकिन जब उनकी शहादत हुई तो दुनिया को पता चला कि वे अपने कार्यालय में अपने परिवार, पोते-पोतियों और बहू के साथ थे... लोग कह रहे थे कि उन्होंने बहुत सारा पैसा लिया और रूस चले गए। यह सब गलत था।"
ईरान पर हमला करने के लिए खोज रहे बहाना- अब्दुल मजीद
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "...ईरानी अधिकारियों ने कई बार घोषणा की है कि हम परमाणु हथियार नहीं रखेंगे क्योंकि ईरान के सर्वोच्च नेता के बयान और फतवे के अनुसार, यह हराम है, निषिद्ध है और हम इसे नहीं रख सकते। हम इसे नहीं चाहते... लेकिन वे इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं। वे ईरान पर हमला करने के लिए एक और बहाना ढूंढ रहे हैं।"
खामेनेई की हत्या के विरोध में जम्मू कश्मीर में प्रदर्शन
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के विरोध में जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में मंगलवार को भी विरोध प्रदर्शन हुए हालांकि प्रशासन ने कश्मीर में कड़ी पाबंदियां लगा दी हैं। मंगलवार को उत्तरी कश्मीर के सुंबल और पट्टन समेत कई स्थानों पर नए सिरे से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
अबू धाबी, दोहा में जोरदार धमाके की आवाज
रॉयटर्स के मुताबिक, अबू धाबी में जोरदार धमाके की आवाज सुनी गई। इसी तरह की आवाज दोहा में भी सुनी गई है।
निगरानी कर रहा नागरिक उड्डयन मंत्रालय
नागरिक उड्डयन मंत्रालय पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में हवाई क्षेत्र के बदलते हालात और अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन पर इसके असर की लगातार निगरानी कर रहा है। अब तक भारतीय एयरलाइंस की 1,221 और विदेशी एयरलाइंस की 388 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं।
इजरायल की सेना ने जारी किए आदेश
रॉयटर्स के मुताबिक, इजरायल की सेना ने दक्षिणी लेबनान के सिडोन के लोगों को निकल जाने के आदेश जारी किए हैं। इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं।
ईरान संकट : 'पीटीआई फैक्ट चैक' की पड़ताल में 14 सोशल मीडिया पोस्ट फर्जी
अमेरिका और इजरायल के ईरान पर संयुक्त हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के साथ ही सोशल मीडिया मंचों पर गलत सूचनाओं में तेजी देखी गई है। 'प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया' (पीटीआई) की फैक्ट चेक इकाई ने अपनी पड़ताल में ऐसे 14 वायरल वीडियो को फर्जी दावे वाला पाया, जिन्हें ईरान युद्ध से जोड़ा गया था।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बोले- हम वॉर खत्म करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने मंगलवार को कहा कि युद्ध शुरू होने के समय वह सऊदी अरब और ईरान के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में थे। डार ने इस्लामाबाद में मीडिया को बताया कि जब संघर्ष शुरू हुआ, उस वक्त वह इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) की बैठक में भाग लेने के लिए सऊदी अरब में थे। जिसके बाद उन्होंने सऊदी अरब और ईरान के विदेश मंत्रियों से संपर्क किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने ओमान के सुल्तान और कुवैत के शेख से की बात
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक, कुवैत के शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बात की और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान उनके देश पर हुए हमलों को लेकर चिंता जतायी। टेलीफोन पर हुई बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने इन नेताओं से वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों के कल्याण और सुरक्षा पर भी चर्चा की।
सऊदी अरब में अमेरिकियों को दूतावास न आने की सलाह, बहरीन-जॉर्डन से कर्मचारियों को निकालने का आदेश
सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास ने मंगलवार को ईरानी ड्रोन हमले की बात स्वीकार की और अमेरिकियों से फिलहाल दूतावास से दूर रहने का आग्रह किया। दूतावास ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''दूतावास पर हमले के कारण अगली सूचना तक दूतावास में न आएं।'' इसमें कहा गया कि जिन लोगों को वीजा संबंधी काम के लिए दूतावास आने के लिए समय दिया गया था, उन्हें अब न आने के लिए कहा गया है।
हमने हमला इसलिए किया क्योंकि ईरान कुछ ही महीनों में परमाणु प्रतिरक्षा प्राप्त कर लेता : नेतन्याहू
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को कहा कि इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला इसलिए किया क्योंकि ईरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम फिर से शुरू कर दिया था और वह कुछ ही महीनों में परमाणु प्रतिरक्षा प्राप्त कर लेता। नेतन्याहू ने मंगलवार को फॉक्स न्यूज से कहा कि ईरान पर हमला करना बेहद जरूरी था क्योंकि तेहरान अपने मिसाइल एवं परमाणु कार्यक्रमों को हमलों से बचाने के लिए नए भूमिगत ठिकाने बना रहा था।
ईरान के नतांज परमाणु स्थल को क्षति पहुंची
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के बीच ईरान के नतांज परमाणु स्थल को हाल में कुछ नुकसान हुआ है लेकिन इससे कोई विकिरण होने की आशंका नहीं है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने बताया कि क्षति मुख्य रूप से परमाणु स्थल के भूमिगत हिस्से के कुछ भवनों तक ही हुई है।
समय ही बताएगा कि ईरान संकट यूक्रेन वार्ता को कैसे प्रभावित करेगा- रूस
रूस ने मंगलवार को कहा कि अब तक ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि मध्य पूर्व संघर्ष में संयुक्त राज्य अमेरिका की भागीदारी यूक्रेन पर शांति वार्ता की गति को प्रभावित करेगी। साथ ही यह भी कहा कि इसे देखते हुए समय ही बताएगा। क्रेमलिन के प्रवक्ता पेस्कोव ने कहा कि यह स्पष्ट है कि अमेरिका को मध्य पूर्व में अभी और काम करना है, ऐसे में अबू धाबी में यूक्रेनी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों के साथ अगली संभावित बैठक पर चर्चा करना मुश्किल है।
Iran-Israel War LIVE: ईरान में 787 लोगों की मौत
इजरायल और अमेरिका के हवाई हमलों में अब तक ईरान में कम से कम 787 लोगों की मौत हुई है। यह जानकारी ईरानी रेड क्रीसेंट सोसायटी ने मंगलवार को दी। उसने 'एक्स' पर एक संदेश जारी कर मृतक संख्या के बारे में बताया।
अग्रिम चौकियों' को खाली कर रही लेबनानी सेना
लेबनान की सरकारी 'नेशनल न्यूज एजेंसी' ने बताया कि लेबनानी सेना इजराइली सीमा के पास स्थित 'अग्रिम चौकियों' को खाली कर रही है।
ईरान मसले पर बोलें पीएम नरेंद्र मोदी- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा - अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती दुश्मनी एक नाजुक इलाके को बड़े झगड़े की ओर धकेल रही है। करोड़ों लोग, जिनमें लगभग एक करोड़ भारतीय भी शामिल हैं, अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।
भारत को नैतिक रूप से स्पष्ट होना चाहिए। हमें इंटरनेशनल कानून और इंसानी ज़िंदगी के बचाव में साफ़-साफ़ बोलने की हिम्मत होनी चाहिए। हमारी विदेश नीति संप्रभुता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित है - और इसे एक जैसा रहना चाहिए।
PM मोदी को बोलना चाहिए। क्या वह दुनिया को तय करने के तरीके के तौर पर किसी देश के मुखिया की हत्या का समर्थन करते हैं? अब चुप्पी दुनिया में भारत की हैसियत कम करती है।
Iran-Israel War LIVE: सोमवार को ईरान के 13 सैनिक मारे गए
ईरान ने मंगलवार को जानकारी दी कि इजरायल और अमेरिका के हमले में सोमवार को उसके 13 सैनिक मारे गए।
फ्रांस साइप्रस को एंटी-मिसाइल, एंटी-ड्रोन सिस्टम भेजने की योजना बना रहा है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने यह जानकारी दी। फ्रांस के विदेश मंत्री बैरोट ने कहा कि अगर उनके पार्टनर मदद मांगते हैं तो फ्रांस उनका बचाव करने के लिए तैयार है।
Iran-Israel War LIVE: US ने कुछ डिप्लोमैटिक स्टाफ को मिडिल ईस्ट छोड़ने का ऑर्डर दिया
U.S. ने मंगलवार को नॉन-इमरजेंसी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को कतर, कुवैत, बहरीन, इराक और जॉर्डन छोड़ने का ऑर्डर दिया और ईरान के साथ तनाव बढ़ने पर पूरे इलाके में कई डिप्लोमैटिक मिशन बंद कर दिए।
जंग में मदद न करने पर ब्रिटेन से नाराज हैं ट्रंप?
अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह देखकर "दुख हुआ" कि ब्रिटेन के साथ रिश्ते "पहले जैसे नहीं रहे"। ट्रंप का यह बयान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर द्वारा ईरान के खिलाफ हमलों को सपोर्ट करने से मना करने के बाद आया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को सन अखबार से कहा, "यह देखकर बहुत दुख हुआ कि रिश्ते साफ तौर पर पहले जैसे नहीं रहे।"
उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में जंग छेड़ने के लिए अमेरिका को ब्रिटेन की ज़रूरत नहीं है, लेकिन उन्होंने आगे कहा: "इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला, लेकिन (स्टारमर) को मदद करनी चाहिए थी... उन्हें करनी चाहिए थी।"
Iran-Israel War LIVE: : चीन ने ईरान के मसले पर दी प्रतिक्रिया
चीन ने ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों पर प्रतिक्रिया दी है। चीन ने कहा है कि वह ईरान के न्यूक्लियर एनर्जी के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के कानूनी अधिकार का सम्मान करता है। चीन ने कहा कि ईरानी न्यूक्लियर मुद्दा आखिरकार राजनीतिक और डिप्लोमैटिक समाधान पर वापस आएगा।
चीन की तरफ से यह भी कहा गया कि वह ईरान के खिलाफ हो रहे एक्शन का समर्थन नहीं करता। उसने सभी पक्षों से मिलिट्री एक्शन और फैल रहे युद्ध को रोकने की अपील की। चीन ने कहा कि वह पड़ोसी देशों में युद्ध के फैलने को लेकर बहुत चिंतित है।
Iran-Israel War LIVE: मार्को रूबियो के बयान पर आई ईरानी विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान पर हमले के लिए अपने अमेरिकी समकक्ष द्वारा दिए गए औचित्य पर अपनी राय व्यक्त की है। अराघची ने एक्स पर लिखा कि रूबियो ने वही स्वीकार किया जो हम सभी जानते थे: अमेरिका ने इज़राइल की ओर से स्वेच्छा से युद्ध छेड़ा है। ईरान की ओर से कभी कोई तथाकथित 'खतरा' नहीं था। उन्होंने आगे कहा, “अमेरिकी और ईरानी दोनों का खून बहाने के लिए इजरायल समर्थक जिम्मेदार हैं। अमेरिकी जनता बेहतर की हकदार है और उन्हें अपना देश वापस लेना चाहिए।”
Iran-Israel War LIVE:ट्रंप ने युद्ध को लेकर किया बड़ा दावा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका के पास मध्यम और उच्च-मध्यम श्रेणी के हथियार का पर्याप्त भंडार है। राष्ट्रपति ने कहा कि हथियारों के भंडारण के मामले में वह 'इतने मजबूत पहले कभी नहीं रहे' और देश के पास हथियारों की "लगभग असीमित आपूर्ति" है। ट्रंप ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि इन भंडारों के सहारे युद्ध "लंबे समय तक" और "सफलतापूर्वक" लड़े जा सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि ये हथियार अन्य देशों के श्रेष्ठ हथियारों से भी बेहतर हैं।
अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच तनाव तीसरे दिन भी जारी रहा, पूरे क्षेत्र में भारी गोलीबारी हुई और हताहतों की संख्या बढ़ती गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले का बचाव करते हुए इसे ईरान के नेतृत्व को रोकने का "आखिरी और सबसे अच्छा मौका" बताया, जबकि ईरानी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान जारी रहे। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इज़राइल के समन्वित हमलों में अब तक 1,250 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिनमें बैलिस्टिक मिसाइल सुविधाएं और नौसैनिक संपत्तियां शामिल हैं। ईरानी अधिकारियों ने जवाबी कार्रवाई की कसम खाई है, जबकि क्षेत्रीय तनाव सीमाओं के पार भी फैलता जा रहा है।
Iran-Israel War LIVE: जल्द लेंगे अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला - ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने केबल नेटवर्क न्यूजनेशन को बताया कि रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले और अमेरिकी सैनिकों की मौत के लिए अमेरिका "जल्द ही" जवाबी कार्रवाई करेगा। अमेरिका ने सोमवार रात को बताया कि अब तक छह सैन्यकर्मी शहीद हो चुके हैं जबकि 18 घायल हैं।
Iran-Israel War LIVE: सालों तक नहीं चलाना ईरान से युद्ध - जेडी वैंस
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका ऐसे किसी संघर्ष में नहीं पड़ेगा जो वर्षों तक चलता रहे, और उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति का एक स्पष्ट उद्देश्य है, कि यह सुनिश्चित करना कि ईरान "कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने जो तय किया वह यह था कि वह अपने दूसरे कार्यकाल के पहले तीन-चार वर्षों तक देश को ईरानी परमाणु हथियार से सुरक्षित नहीं रखना चाहते थे, वह यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके, और इसके लिए ईरानी शासन की मानसिकता में मौलिक बदलाव की आवश्यकता होगी।
Iran-Israel War LIVE: तेल की कीमतों में उछाल
मंगलवार को तेल की कीमतों में लगातार तीसरे दिन वृद्धि हुई क्योंकि ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल संघर्ष के बढ़ने और होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर जहाजों के आवागमन पर मंडरा रहे खतरों ने मध्य पूर्व के इस प्रमुख उत्पादक क्षेत्र से आपूर्ति में व्यवधान की आशंकाओं को बढ़ा दिया। 0107 GMT तक ब्रेंट क्रूड वायदा 78.83 डॉलर प्रति बैरल पर था, जो 1.10 डॉलर या 1.4% की वृद्धि दर्शाता है। सोमवार को, अनुबंध बढ़कर 82.37 डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जो जनवरी 2025 के बाद का उच्चतम स्तर था, हालांकि बाद में इसमें कुछ गिरावट आई और यह 6.7% की बढ़त के साथ बंद हुआ। अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड की कीमत 74 सेंट या 1% बढ़कर 71.97 डॉलर प्रति बैरल हो गई। पिछले सत्र में, अनुबंध की कीमत शुरू में जून 2025 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी, लेकिन बाद में गिरकर 6.3% की बढ़त के साथ बंद हुई। (रॉयटर्स)
Iran-Israel War LIVE: मिडिल ईस्ट छोड़ दें, अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए जारी किया संदेश
अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा है कि यदि आप मध्य पूर्व में रहने वाले अमेरिकी नागरिक हैं, तो आपकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अमेरिकी विदेश विभाग आपसे आग्रह करता है कि बढ़ते तनाव के कारण आप तुरंत इस क्षेत्र को छोड़ दें।
Iran-Israel War LIVE: नेतन्याहू ने की ट्रंप की तारीफ
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को फॉक्स न्यूज के सीन हैनिटी से कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के बिना ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु बम कार्यक्रम जल्द ही हमले से प्रतिरक्षित हो जाता, और कहा किडोनाल्ड ट्रम्प जैसे दृढ़ राष्ट्रपति द्वारा कार्रवाई की जानी आवश्यक थी।
Iran-Israel War LIVE: अमेरिका ने ईरानी नेवी को दिया झटका
अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने घोषणा की है कि उसने ओमान की खाड़ी में ईरान की नौसैनिक उपस्थिति को समाप्त कर दिया है और क्षेत्र में 11 युद्धपोतों को नष्ट कर दिया है। CENTCOM ने कहा कि दो दिन पहले, ईरानी शासन के पास ओमान की खाड़ी में 11 जहाज थे, आज उनके पास एक भी नहीं है। इस कदम का उद्देश्य समुद्री रूट की स्वतंत्रता को बनाए रखना है, जिसने 80 से अधिक वर्षों से वैश्विक आर्थिक समृद्धि का समर्थन किया है।
