अमेरिका ने बुधवार को ईरान पर एक बार फिर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले शुरू किए। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का मकसद होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। अमेरिकी सेना की मध्य-पूर्व कमान (CENTCOM) ने बताया कि ये हमले ईरान की उस सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए किए जा रहे हैं जिससे वह इस अहम समुद्री मार्ग को खतरे में डाल सकता है। ईरान पर अतिरिक्त अमेरिकी हवाई हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अमेरिका हर हमले का कई गुना ताकत से जवाब देगा।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मंगलवार को तीन मालवाहक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा, ”अगर ऐसा दोबारा हुआ तो जवाब और भी ज्यादा सख्त होगा।” एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि बुधवार के हमले मंगलवार की तुलना में कहीं अधिक बड़े और व्यापक हैं।

ट्रंप ने कहा, ”हमने उन्हें 20 के मुकाबले 1 के अनुपात में जवाब दिया। हर बार अगर वे हम पर हमला करेंगे तो हम 20 गुना ज्यादा ताकत से जवाब देंगे।”

उन्होंने कहा कि ताज़ा सैन्य कार्रवाई पिछली रात हुए हमलों का जवाब थी। ट्रंप के मुताबिक, “उन्होंने दो नहीं बल्कि तीन जहाजों को निशाना बनाया था। जब वे हमला करते हैं तो हम उससे कहीं ज्यादा ताकत के साथ पलटवार करते हैं।”

ट्रंप के इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि अमेरिका ईरान की किसी भी सैन्य कार्रवाई का और अधिक आक्रामक तरीके से जवाब देने की नीति पर आगे बढ़ रहा है जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।

ईरान के कई शहर बने निशाना

ईरानी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में दक्षिणी तटीय इलाकों को निशाना बनाया गया। इनमें बंदर अब्बास, चाबहार, कोणार्क और ईरानशहर शामिल हैं।

बंदर अब्बास जो ईरान का सबसे बड़ा बंदरगाह और नौसैनिक अड्डा है, वहां भी हमले हुए। चाबहार में कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। हालांकि बाद में अधिकांश इलाकों में बिजली बहाल कर दी गई। इरानशहर एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक दमकलकर्मी की मौत की भी खबर है।

ईरान ने दी कड़ी चेतावनी

ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहसेन रेज़ाई ने कहा, ”हमलावर दुश्मन और उसके सहयोगियों को कड़ी सजा दी जाएगी।” ईरान से जुड़े मीडिया संस्थान Nournews ने सैन्य सूत्रों के हवाले से दावा किया कि अमेरिकी ठिकानों पर जल्द ही बड़ा हमला किया जा सकता है।

ट्रंप बोले- स्थायी समझौते की उम्मीद नहीं

तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए हुआ अंतरिम समझौता अब ‘खत्म हो चुका है।’ उन्होंने कहा, ”अगर हम ईरान के साथ कोई नया समझौता भी करें तो मुझे नहीं लगता कि वह टिकेगा।”

हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि हालात फिर से पूर्ण युद्ध में बदलेंगे और यदि कोई कार्रवाई होती भी है तो वह बहुत जल्दी खत्म हो जाएगी।

तेल बाजार पर असर

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखा। ब्रेंट क्रूड की कीमत एक डॉलर से अधिक बढ़कर लगभग 79 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। हालांकि यह अब भी अप्रैल के आखिर में दर्ज 120 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से काफी नीचे है।

ईरान का आरोप

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में शिकायत दर्ज कराते हुए अमेरिका पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। साथ ही चेतावनी दी है कि वह परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से बाहर निकलने, अपनी परमाणु नीति बदलने और लाल सागर के महत्वपूर्ण बाब-अल-मंदेब जलमार्ग को बंद करने जैसे विकल्पों पर विचार कर सकता है।