अमेरिका मीडिया का दावा है कि अमेरिका-ईरान के बीच 45 दिन के युद्धविराम (Ceasefire) के लिए बात चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समझौते के लिए पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश मध्यस्थता कर रहे हैं।
45 दिन तक जंग रोकने का यह समझौता अगर सफल रहता है तो आगे चलकर अमेरिका-इजरायल और ईरान की बीच पूरी तरह से युद्ध खत्म होने की संभावना बन सकती है। ईरान जंग 28 फरवरी से शुरू हुई थी और तभी से पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है।
अमेरिकी मीडिया संस्थान (Axios) ने चार ऐसे लोगों के हवाले से यह जानकारी दी है कि जिन्हें इस मामले की पूरी जानकारी है। उन्होंने बताया कि यह बातचीत अमेरिका-ईरान के बीच सीधे नहीं हो रही है बल्कि पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देशों इस समझौते के लिए मध्यस्थ का काम कर रहे हैं।
इसके अलावा, अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची के बीच मैसेज के जरिए भी बात हो रही है।

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अगले 48 घंटों में कोई आंशिक समझौता (partial deal) होने की संभावना बहुत कम है।
Axios की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के अधिकारियों ने साफ कहा है कि वे ऐसी स्थिति में नहीं फंसना चाहते जैसी गाज़ा या लेबनान में हुई थी। यानी कागज पर तो युद्धविराम होता है लेकिन असल में अमेरिका और इज़रायल फिर से कभी भी हमला कर सकते हैं।
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जब से ईरान पर इजरायल और अमेरिका ने मिलकर हमला किया है, उसके बाद से ही वैश्विक बाजार में उथल-पुथल है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है और इससे तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है। इस बीच ईरान की सेना आईआरजीसी ने इजरायल और अमेरिका को धमकी दी है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नेवी (IRGC) ने कहा कि इजरायल और अमेरिका के लिए होर्मुज स्ट्रेट कभी भी अपनी पुरानी हालत में नहीं लौटेगा। पढ़ें पूरी खबर…
