ताज़ा खबर
 

अमेरिकी खुफिया विभाग की चेतावनी- भारत पर अभी हमले जारी रखेंगे पाक समर्थित आतंकी संगठन

नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक डेन कोट्स की यह टिप्पणी शनिवार को जम्मू के सुंजवां सैन्य शिविर पर जैश-ए-मोहम्मद के आतकंवादियों द्वारा किए गए हमले के कुछ दिन बाद आई है। इस घटना में छह सैनिकों समेत सात लोग मारे गए थे।

Author वाशिंगटन | February 14, 2018 20:32 pm
इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन भारत के भीतर हमले जारी रख सकते हैं। जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले बढ़ने के बीच अमेरिका के खुफिया विभाग के प्रमुख ने इन हमलों के प्रति चेताया है। नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक डेन कोट्स की यह टिप्पणी शनिवार को जम्मू के सुंजवां सैन्य शिविर पर जैश-ए-मोहम्मद के आतकंवादियों द्वारा किए गए हमले के कुछ दिन बाद आई है। इस घटना में छह सैनिकों समेत सात लोग मारे गए थे। श्रीनगर के करन नगर में 12 फरवरी को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच काफी देर तक गोलीबारी हुई थी। खुफिया जानकारी पर सीनेट की चयन समिति को पेश की गई अपनी गवाही में कोट्स ने कहा कि पाकिस्तान नए परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का संकेत देकर, आतंकवादियों से अपने संबंध बरकरार रखकर, आंतकवाद विरोधी सहयोग को रोककर और चीन से करीबी बनाकर अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाना जारी रखेगा।

अमेरिकी खुफिया समुदाय द्वारा किए गए वैश्विक खतरों के मूल्यांकन की सुनवाई के दौरान कोट्स ने कहा, ‘‘पाकिस्तान से समर्थन प्राप्त आतंकवादी संगठन पाकिस्तान में अपने सुरक्षित पनाहगाहों का फायदा उठाना जारी रखते हुए भारत, अफगानिस्तान के साथ ही अमेरिकी हितों वाले देशों के खिलाफ हमले की योजना बनाना और हमले करना जारी रखेंगे।’’ उन्होंने कहा कि भारत की तुलना में अपनी स्थिति को खराब समझने का पाकिस्तान का बोध उसके अलग-थलग पड़ने की आशंकाओं को और बढ़ा देगा जिससे वह भारत के लिए तय अमेरिकी लक्ष्यों के खिलाफ काम करेगा।

पाकिस्तान के किसी भी आतंकी संगठन का नाम लिए बिना ही कोट्स ने सांसदों से कहा कि इन संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बढ़ाने का कोई खास असर नहीं देखने को मिला है। साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों पड़ोसी एशियाई देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा, ‘‘नियंत्रण रेखा पर जारी हिंसा के चलते भारत और पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण बने रह सकते हैं और पाकिस्तान द्वारा आगे किसी तरह का बड़ा हमला किए जाने की सूरत में यह तनाव और बढ़ सकता है।’’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App