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अमेरिकी हाउस में पास हुआ पाकिस्तान विरोधी बिल, नहीं मिल पाएगी 45 करोड़ डॉलर की मदद

व्हाइट हाउस के ऐतराज को नजरअंदाज करते हुए अमेरिकी प्रतिनिधिसभा ने राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण विधेयक (NDAA) को स्वीकार कर लिया है।
हाउस आर्म्ड सर्विसेज के चेयरमैन मैक थोर्नबेरी एक प्रेस कांफ्रेंस में NDAA के पास होने की जानकारी देते हुए।

व्हाइट हाउस के ऐतराज को नजरअंदाज करते हुए अमेरिकी प्रतिनिधिसभा ने राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण विधेयक (NDAA) को स्वीकार कर लिया है। इस विधेयक के तहत हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में नाकाम रहने पर पाकिस्तान को मिलने वाली 45 करोड़ डॉलर की मदद पर रोक का प्रावधान है। अमेरिकी प्रतिनिधिसभा ने बुधवार (18 मई) की रात को 147 के मुकाबले 277 मत से एनडीएए 2017 (H R 4909) पारित कर दिया था।

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इसमें 3 प्रमुख संशोधन शामिल हैं जो अमेरिकी सांसदों की पाकिस्तान विरोधी भावना को दर्शाता है। सभा में पारित बिल के मुताबिक मदद के तौर पर 45 करोड़ डॉलर की राशि जारी करने से पहले ओबामा सरकार को प्रमाणित करना होगा कि पाकिस्तान ने शर्तें पूरी की हैं। “पाकिस्तान ने हक्कानी नेटवर्क के सीनियर नेताओं और मध्य स्तरीय गुर्गों को अरेस्ट करने और उनके खिलाफ अभियोजन चलाने में प्रगति दिखाई है।”

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सांसद डाना रोहराबाशर के संशोधन में एक अतिरिक्त आवश्यकता का प्रावधान किया गया है कि रक्षा मंत्री अमेरिकी संसद के समक्ष प्रमाणित करें कि पाकिस्तान अपनी सेना या कोई कोष या अमेरिका से मिले किसी उपकरण का उपयोग राजनीतिक या धार्मिक आजादी चाह रहे अल्पसंख्यक समूहों को सताने में तो नहीं कर रहा है। NDAA 2017 में अमेरिकी संसदों की यह भावना शामिल की गई है कि शकील अफरीदी एक इंटरनैशनल नायक हैं और पाकिस्तान सरकार को तत्काल उन्हें रिहा कर देना चाहिए।

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एनडीएए 2017 को अब सीनेट में पारित होना होगा जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के दस्तखत के लिए इसे व्हाइट हाउस भेजा जाएगा। ओबामा के दस्तखत हो जाने के बाद यह कानून बन जाएगा। गौरतलब है कि इसी हफ्ते व्हाइट हाउस ने पाकिस्तान को 45 करोड़ डॉलर की मदद समेत इस बिल के अनेक प्रावधानों पर सख्त ऐतराज जताए थे।

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