अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को होर्मुज जलमार्ग को दोबारा खोलने की अपने प्रोजेक्ट फ्रीडम पर रोक लगा दी, इसका कारण अब सामने आ रहा है।
एनबीसी न्यूज के मुताबिक, अमेरिका के सहयोगी देश सऊदी अरब ने कथित तौर पर अमेरिका के रणनीति का विरोध किया, इसके बाद प्रोजेक्ट फ्रीडम को रोक दिया गया।
सऊदी और कुवैत ने लगाई रोक
एनबीसी न्यूज के मुताबिक, अमेरिका और ईरान शांति समझौते के किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहे थे क्योंकि ईरान की शर्त थी अमेरिका अपनी नाकाबंदी हटाए। ऐसे में सऊदी अरब ने अमेरिका के रणनीति का विरोध किया क्योंकि उन्हें आशंका थी कि इससे तनाव और बढ़ सकता है। सऊदी अरब ने अपने देश में प्रमुख ठिकानों और एयरस्पेस में अमेरिका के पहुंच पर प्रतिबंध लगा दिया था जिसके कारण ट्रंप प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा।
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि डोनाल्ड और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच हुई टेलीफोनिक बातचीत में दोनों नेता मतभेदों को दूर नहीं कर सके, जिसके चलते अमेरिका को अपना ऑपरेशन रोकना पड़ा।
रिपोर्ट में आगे बताया गया कि कुवैत ने भी अमेरिका के इस मिशन के लिए वांशिगटन को अपने ठिकानों और एयरस्पेस तक पहुंच देने से इनकार कर दिया।
अमेरिका ने ईराकी कंपनी पर लगाए प्रतिबंध
इधर खबर आ रही है कि अमेरिका ने कई ईराक की कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। एपी के मुताबिक, अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने एक इराकी तेल अधिकारी, कई इराकी कंपनियों और ईरान-समर्थित मिलिशिया के नेताओं पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। इन पर ईरान को US प्रतिबंधों से बचने और आतंकवादियों को फ़ंड देने में मदद करने का आरोप है।
ट्रेजरी विभाग का आरोप है कि इराक के उप-तेल मंत्री, अली मारीज अल-बहादली ने इराकी तेल को दूसरी जगह भेजने और दस्तावेज़ों में हेराफेरी करने में मदद की, ताकि ईरानी तेल को इराकी तेल के तौर पर बेचा जा सके। इससे ईरान और उसकी सहयोगी मिलिशिया को फायदा हुआ।
ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को एक बयान में कहा, “ट्रेजरी चुपचाप नहीं बैठेगी, जबकि ईरान की सेना US और हमारे सहयोगियों के ख़िलाफ़ आतंकवाद को फ़ंड देने के लिए इराकी तेल का इस्तेमाल कर रही है।”
यह भी पढ़ें: ईरान से बातचीत में बेहतर प्रगति के बाद अमेरिका ने रोकी नौसैनिक कार्रवाई ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नाम की नौसैनिक कार्रवाई को कुछ समय के लिए रोक दिया है। यह कदम ईरान के साथ चल रही बातचीत में ‘बेहतर प्रगति’ के संकेत मिलने के बाद उठाया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान के प्रतिनिधियों के साथ एक ‘पूरे और अंतिम समझौते’ की दिशा में काफी आगे बढ़ा गया है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत अच्छी चल रही है और उम्मीद है कि जल्द ही एक बड़ा समझौता हो सकता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
