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इस देश में अब मोबाइल फोन के जरिए होगी वोटिंग

अमेरिका के पश्चिमी वर्जीनिया राज्य में इस वर्ष नवंबर में मध्यावधि चुनाव होना है। देश के बाहर काम कर रहे वर्जीनियाई नागरिकों को पहली दफा मोबाइल फोन के जरिये मतदान करने का मौका दिया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मौका खासकर उन सैनिकों के लिए है जो अमेरिका के बाहर दूसरे देशों में सेवाएं दे रहे हैं।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (फोटो सोर्स- pixabay)

अमेरिका के पश्चिमी वर्जीनिया राज्य में इस वर्ष नवंबर में मध्यावधि चुनाव होना है। देश के बाहर काम कर रहे वर्जीनियाई नागरिकों को पहली दफा मोबाइल फोन के जरिये मतदान करने का मौका दिया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मौका खासकर उन सैनिकों के लिए है जो अमेरिका के बाहर दूसरे देशों में सेवाएं दे रहे हैं। अब तक इस तकनीक का इस्तेमाल सीमित ट्रायल रन्स और रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम जैसे प्राइवेट चुनावों के लिए किया गया था, अब पहली बार संघीय चुनाव में इसके द्वारा मतदान किया जाएगा। हालांकि चुनावों की सत्यनिष्ठा को बनाए रखने के लिए जोर देने वाले और कम्प्युटर सुरक्षा विशेषज्ञों ने मोबाइल से मतदान कराने की चुनौतियों के बारे में भी आगाह किया है। एक विशेषज्ञ ने इसे ‘भयानक विचार’ तक बताया। वर्जीनिया ने मोबाइल से मतदान कराने का फैसला ऐसे समय लिया है जब अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने मध्यावधि चुनाव में रूसी हैकरों के हस्तक्षेप का अंदेशा जताते हुए चेतावनी दी है।

अमेरिका पहले भी आरोप लगाता रहा है कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हैकरों ने रूसी सरकार की शह पर हस्तक्षेप करने की कोशिश की थी। अमेरिका में इस मामले को लेकर जांच भी चल रही है। इस सब से इतर पश्चिमी वर्जीनिया के राज्य सचिव मैक वॉर्नर और मतदान के लिए Voatz ऐप बनाने वाली बोस्टन की कंपनी इस बात पर जोर दे रही है कि मोबाइल से मतदान कराना सुरक्षित रहेगा। मोबाइल से मतदान करने के लिए सबसे पहले मतदाता को सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र की फोटो और खुद के चेहरे का एक सेल्फी वीडियो इस्तेमाल करते हुए ऐप में रजिस्टर करना होगा।

Voatz ऐप का कहना है कि चेहरे की पहचान करने वाला सॉफ्टवेयर यह सुनिश्चित करेगा कि फोटो और वीडियो संबंधित यूजर के ही हैं। रजिस्ट्रेशन मंजूर हो जाने के बाद मतदाता Voatz ऐप का इस्तेमाल मतदान के लिए कर सकेंगे। कंपनी का कहना है कि ऐप से दिए गए वोट की जानकारी किसी को नहीं लगेगी, वह सीधे सार्वजनिक डिजिटल बही में दर्ज हो जाएगा। इस सार्वजनिक डिजिटल बही को ब्लॉकचैन कहा जाता है। मैक वॉर्नर के स्टाफ के डिप्टी चीफ माइकल एल क्वीन ने समाचार चैनल सीएनएन से बात करते हुए कहा कि नवंबर में होने वाले चुनाव में मोबाइल से मतदान कराने का आखिरी फैसला हर राज्य के अधिकारी हर काउंटी पर छोड़ेगे।

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