ताज़ा खबर
 

अमेरिकी विशेषज्ञ बोले- 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए मोदी पहली पसंद, वे सबसे आगे हैं

जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के सहायक प्रोफेसर एडम जिगफेल्ड का मानना है कि विधानसभा चुनावों के नताजों से साफ पता चलता है कि भारत में 2019 में बदलाव का कोई संकेत नहीं है।

Author वाशिंगटन | March 14, 2017 13:56 pm
एक अमेरिकी विशेषज्ञ का मानना है कि पीएम मोदी वर्ष 2019 की दौड़ में सबसे आगे हैं। (photo source- Indian Express)

उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत के बाद अमेरिकी विशेषज्ञों ने पीएम मोदी को 201 9 के लोकसभा चुनावों के लिए सबसे पसंदीदा उम्मीदवार माना है। एक विशेषज्ञ का मानना है कि पीएम मोदी 2019 के बाद भी भारत का नेतृत्व जारी रखेंगे। वहीं जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के सहायक प्रोफेसर एडम जिगफेल्ड का मानना है कि विधानसभा चुनावों के नताजों से साफ पता चलता है कि भारत में 2019 में बदलाव का कोई संकेत नहीं है। साथ ही प्रोफेसर ने 2014 लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि इन नतीजो से पता चलता है 2014 में मोदी की जीत कोई ‘असामान्य’ जीत नहीं थी।

सहायक प्रोफेसर एडम जिगफेल्ड ने कहा है कि ‘‘यह भाजपा के लिए एक बड़ी जीत थी। उसका उम्मीदवार दो पिछले विजेताओं-बसपा और सपा की तुलना में कहीं अधिक अंतर से जीत गया।’’ अमेरिकन एंटरप्रोइज इंस्टीट्यूट के शोधार्थी सदानंद धूमे ने कहा कि इन चुनावों ने मोदी को वर्ष 2019 के चुनाव के लिए एक ‘‘स्पष्ट और पसंदीदा विजेता’’ के तौर पर स्थापित कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी वर्ष 2019 की दौड़ में सबसे आगे हैं।’

जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के वॉल्श स्कूल ऑफ फॉरेन सर्विस के प्रोफेसर इरफान नूरूद्दीन ने कहा कि वर्ष 2019 में भाजपा को सीधा बहुमत मिलने की संभावना कम है और मोदी गठबंधन की सरकार बनाने की दिशा में बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा का एक के बाद एक राज्य में चुनाव प्रचार सफल रहा है जबकि विपक्ष ऐसा करने में नाकाम रहा है। नूरूद्दीन ने कहा कि जिस राज्य में पार्टी को सीधे विपक्ष का सामना करना पड़ता है, वहां यह अच्छा प्रदर्शन नहीं करती। यदि विपक्ष एकसाथ आ जाए तो भाजपा को परास्त किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पार्टी को जब बिखरे हुए विपक्ष का सामना करना पड़ता है, वहां उसे लाभ मिलता है। वर्ष 2019 में सत्ताविरोधी लहर मौजूद होगी। चुनाव के दौरान उत्तरप्रदेश में मौजूद रहे धूमे ने कहा कि इन चुनावों में भाजपा ने खुद को जाति से उच्च्पर बताया लेकिन वहां जाति कार्ड खेला। राज्य में लोगों के साथ हुई बातचीत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘नोटबंदी बेहद लोकप्रिय है। इसने उस भारतीय जनता का दिल और दिमाग जीत लिया, जो इस नीति के चलते परेशान हुई। यहां एक संजीदा व्यक्ति है, जिसने भ्रष्ट और अमीर लोगों पर एक सैद्धांतिक प्रहार किया है।’’हालांकि धूमे ने यह भी कहा कि उत्तरप्रदेश में इस ऐतिहासिक जीत के बाद मोदी संभवत: ऐसे आर्थिक सुधार की दिशा में नहीं बढ़ेंगे, जैसा निजी क्षेत्र चाहता है।

काउंसिल ऑफ फॉरेन रिलेशन्स में भारत, पाकिस्तान और दक्षिण एशिया के मामलों की वरिष्ठ शोधार्थी एलीसा आयर्स ने कहा कि भारत अपने उन आर्थिक सुधारों को बढ़ाने जा रहा है, जो देश की जनता को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। भाजपा अब राज्यसभा में बहुत सी सीटें हासिल करेगी, जो उसे भूमि अधिग्रहण अधिनियम और श्रम सुधार जैसे लंबित सुधारों को अंजाम देने में मदद करेंगी। वह वर्ष 2018 में सीटें हासिल करना शुरू कर देंगे। भाजपा वर्ष 2019 और इसके परे देख रही है।

बजट सैशन से पहले प्रधानमंत्री मोदी बोले- "उम्मीद है GST पर सफलता मिलेगी"

गुजरात: सोमनाथ मंदिर में प्रार्थना करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App