ईरान से युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका ने बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया, जहां से समुद्र में चलने वाले जहाजों को टारगेट किया जा रहा था।

अमेरिका ने इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए 5,000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया। इस ऑपरेशन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया गया है।

जानकारी के लिए बता दें कि जंग के दौरान ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्ग को प्रभावित किया हुआ है। ईरान की गतिविधियों के कारण अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समुद्री मार्ग को खुलवाने के लिए सहयोगी देशों से समर्थन मांग रहे हैं। वे चाहते हैं कि नेटो देश इस मुहिम में उनका साथ दें। हालांकि, ज्यादातर देशों ने इस संघर्ष में सीधे शामिल होने से इनकार कर दिया है।

बताया जा रहा है कि इस स्थिति से राष्ट्रपति ट्रंप नाराज हैं। उनका कहना है कि अमेरिका ने वर्षों तक कई देशों की आर्थिक और सैन्य मदद की है, लेकिन जब उसे जरूरत है, तब सहयोग नहीं मिल रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि वे यह युद्ध दुनिया की भलाई के लिए लड़ रहे हैं।

‘बंकर बस्टर’ क्या है?

बंकर बस्टर बम विस्फोट करने से पहले गहरे भूमिगत में घुसने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इस मामले में यह विशेष रूप से जीबीयू-57ए/बी मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर को रेफेर करता है, जोकि 30,000 पाउंड (13,600 किलोग्राम) का एक बम है, जिसे अमेरिकी वायु सेना के अनुसार, गहराई में दबे बंकरों और सुरंगों को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

6.6 मीटर लंबाई, कठोर स्टील और फ्यूज सिस्टम से लैस GBU-57 विस्फोट से पहले चट्टान या कंक्रीट में 200 फीट (61 मीटर) तक घुसने में सक्षम है। ये गोला-बारूद की तुलना में बहुत गहरा है।

बम को कैसे तैनात किया जाता है?

GBU-57 को तैनात करने में सक्षम एकमात्र विमान US B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर है, जिसे नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन द्वारा निर्मित किया गया है। सैद्धांतिक रूप से पर्याप्त क्षमता वाला कोई भी विमान इसे पहुंचा सकता है लेकिन केवल B-2 को ही इस कार्य के लिए कॉन्फ़िगर और परीक्षण किया गया है। ईंधन भरने के बिना 7,000 मील (11,000 किमी) की सीमा के साथ और हवाई ईंधन भरने के साथ 11,500 मील (18,500 किमी) से अधिक B-2 दुनिया भर के लक्ष्यों तक पहुंच सकता है। इस बम के बारे में हर जानकारी जानने के लिए यहां क्लिक करें