आतंक पर अमेरिकी प्रहार:US ने हिज्बुल मुजाहिदीन को माना विदेशी आतंकी संगठन, बैंक खाते सील - US Department of State declares Pakistan based Hizbul Mujahideen as a Foreign Terrorist Organization, freezes assets bank accounts - Jansatta
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आतंक पर अमेरिकी प्रहार: US ने हिज्बुल मुजाहिदीन को माना विदेशी आतंकी संगठन, बैंक खाते सील

इस फैसले के बाद अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में आने वाली हिज्बुल की सभी संपत्तियों और संपत्ति से जुड़े उसके हितों पर रोक लग जाएगी।

Author August 17, 2017 9:48 AM
पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में प्रेस को संबोधित करते हुए हिज्बुल मुजाहिदीन का कमांडर सैयद सलाहुद्दीन (फाइल फोटो)

अमेरिका ने कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन को विदेशी आतंकी समूह घोषित किया है। इससे करीब दो महीने पहले इस संगठन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया था।कश्मीर में हाल के महीनों में हिज्बुल की बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों की पृष्ठभूमि में अमेरिका ने यह फैसला किया है। आतंकी समूह घोषित होने के बाद उस पर अमेरिका की तरफ से कई तरह के प्रतिबंध होंगे। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, ‘‘हिज्बुल मुजाहिदीन को आतंकी हमले करने के लिए संसाधनों से उपेक्षित करने के प्रयास के तहत उसे आतंकी समूह घोषित किया गया है। ’’ इस फैसले के बाद अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में आने वाली हिज्बुल की सभी संपत्तियों और संपत्ति से जुड़े उसके हितों पर रोक लग जाएगी तथा अमेरिका का कोई भी व्यक्ति इस समूह के साथ किसी तरह का लेनदेन नहीं कर सकेगा।

अमेरिका का यह फैसला पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका है जो इस समूह को कश्मीरी लोगों की आवाज के तौर पर पेश करता आ रहा है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने हिज्बुल के कमांडर बुरहान वानी की कई बार तारीफ की थी। बुरहान पिछले साल जुलाई में कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। हिज्बुल का गठन 1989 में हुआ और यह जम्मू-कश्मीर में सक्रिय सबसे पुराने और बड़े आतंकी संगठनों में से एक है।जम्मू-कश्मीर में हुए कई आतंकी हमलों की जिम्मेदारी हिज्बुल मुजाहिदीन ने ली है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि आतंकवाद से जुड़ा घोषित होने से संगठन और व्यक्ति बेनकाब होते हैं तथा अलग-थलग पड़ जाते हैं और अमेरिकी वित्तीय व्यवस्था तक उनकी पहुंच खत्म हो जाती है। इसके साथ ही इस कदम से अमेरिका और दूसरी सरकारों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को मदद मिलती है।

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