Us Court sentenced 4 years imprisonment to a paedophile nri - बच्चों की एक हजार पोर्न फोटो और 380 वीडियो के साथ पकड़ा गया शख्स, चार साल जेल - Jansatta
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बच्चों की एक हजार पोर्न फोटो और 380 वीडियो के साथ पकड़ा गया शख्स, चार साल जेल

अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के शख्स को चार साल कैद की सजा सुनाई गई है। इस व्यक्ति पर चाइल्ड पोर्न रखने और प्रसार करने का आरोप था। सजा सुनाने वाली अदालत ने कहा है कि इस शख्स पर जेल से निकलने के 10 साल बाद तक निगरानी रखी जाए।

प्रतीकात्मक तस्वीर

अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के शख्स को चार साल कैद की सजा सुनाई गई है। इस व्यक्ति पर चाइल्ड पोर्न रखने और प्रसार करने का आरोप था। सजा सुनाने वाली अदालत ने कहा है कि इस शख्स पर जेल से निकलने के 10 साल बाद तक निगरानी रखी जाए। अमेरिका के अटॉर्नी स्कॉट ब्रैडी ने मीडिया को बताया कि पिट्सबर्ग का रहने वाला 28 साल का अभिजीत दास चाइल्ड पोर्न रखने का दोषी पाया गया है। अदालत ने उसे 52 महीने के कारावास का दंड दिया है। ये सजा उसे नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण को बढ़ावा देने वाली सामग्री रखने के लिए दी गर्इ है।

अदालत को दी गई जानकारी के मुताबिक दास ने अवैध रूप से कंप्यूटर ग्राफिक फाइलें रखीं जिनमें लगभग 1,000 तस्वीरें और 380 वीडियो शामिल हैं। ये तस्वीरें साफतौर पर बताती हैं कि अभिजीत का व्यवहार साफ तौर पर बताता है कि वह नाबालिग बच्चों के साथ यौन आचरण वाली क्रियाओं को देखने का शौकीन था। अभिजीत दास के पास मिले वीडियो में भी बच्चों की आपत्तिजनक तस्वीरें और फाइलें शामिल हैं।

​अभिजीत दास पर आरोप लगाया गया था कि वह व्हाट्स एप ग्रुप के जरिए कई अश्लील फोटो और वीडियो शेयर कर रहा था। उसके जरिए बच्चों के अश्लील फोटो और वीडियो कई देशों में शेयर हो रहे थे। उसके व्हाट्स एप ग्रुप में 100 से ज्यादा भारतीय लोगों के अलावा अमेरिका, चीन, न्यूजीलैंड, मैक्सिको, अफगानिस्तान, पाकिस्तान समेत 18 देशों के लोग जुड़े हुए थे। अभी भी अमेरिका की पुलिस ये जानने की कोशिश कर रही है कि ​दास के रैकेट में कौन से लोग शामिल थे। ये भी जानने की कोशिश हो रही है कि आखिरकार बच्चों के यौन शोषण के वीडियो और तस्वीरों का दास के पास आने का स्रोत क्या था?

क्या है चाइल्ड पोर्न: चाइल्ड पोर्न ऐसी सामग्री को कहा जाता है कि जिसमें बच्चों को यौन क्रियाओं में शामिल किया गया है, चाइल्ड पोर्न कहलाती है। इसमें किसी बच्चे के साथ सीधे यौन संबंध बनाने या उन्हें अपनी यौन संतुष्टि के लिए किसी तरह की यौन क्रिया में शामिल करना है। यह ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दोनों तरह की होती है।इसे एक तरह से यौन हिंसा माना जाता है। दुनिया के अधिकांश देशों के कानून के मुताबिक चाइल्ड पोर्न बनाना, रखना, बेचना, ढूंढना, देखना और शेयर करना जुर्म है।

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