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ग्रेनेड फेंकने की परीक्षा पास नहीं कर पा रहे थे अमेरिकी सैनिक, सेना ने उठाया बड़ा कदम

अमेरिका के मेजर जनरल मॉलकॉम फ्रोस्ट ने बताया कि इस ट्रेंनिंग को पूरा करने में जवानों को लंबा वक्त लग रहा था और इसकी वजह से वे लोग ट्रेनिंग के दूसरे हिस्सों पर ध्यान नहीं दे पा रहे थे।
अमेरिकी सैनिकों की एक टुकड़ी हैंड ग्रेनेड फेंकने का अभ्यास करती हुई (फोटो-army.mil/Markeith Horace)

हैंड ग्रेनेड फेंकने की समस्या से दो चार हो रही अमेरिकी आर्मी ने एक बड़ा कदम उठाया है। यूएस आर्मी अब आर्मी ग्रेजुएशन के लिए जरूरी बेसिक कॉम्बैट ट्रेनिंग में ग्रेनेडे फेंकने में महारत होने की योग्यता को खत्म करने जा रही है। इसके बाद आर्मी के बेसिक कॉम्बैट ट्रेनिंग (BCT) के तहत सैनिकों को हैंड ग्रेनेड फेंकने की लंबी ट्रेनिंग से नहीं गुजरना पड़ेगा। अमेरिकी बेवसाइट मिलिट्री डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक नये BCT में वर्तमान हैंड ग्रेनेड क्षमता नहीं होगी। अमेरिका के मेजर जनरल मॉलकॉम फ्रोस्ट ने बताया कि इस ट्रेंनिंग को पूरा करने में जवानों को लंबा वक्त लग रहा था और इसकी वजह से वे लोग ट्रेनिंग के दूसरे हिस्सों पर ध्यान नहीं दे पा रहे थे। उन्होंने बताया, “हमने जो महसूस किया है वो यह है कि इसमें काफी वक्त लग रहा है, बहुत ज्यादा वक्त, तीन से चार गुणा ज्यादा वक्त लग रहा है, इसकी वजह से हम दूसरी चीजों पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।”

मेजर जनरल मॉलकॉम फ्रोस्ट ने यह भी कहा कि नये ट्रेनी इतने मजबूत भी नहीं होते हैं कि वह दूर तक हैंड ग्रेनेड फेंक सकें। उन्होंने कहास “कई ट्रेनी ऐसे भी होते हैं जो 20 से 25 मीटर तक भी हैंड ग्रेनेड नहीं फेंक पाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई पहले से हीं चीजों को फेंकने में तेज नहीं है तो उसे यहां निपुण नहीं किया जा सकता है।” हालांकि हैंड ग्रेनेड फेंकने के लिए निर्धारित समय पर कैडेट्स वही काम करेंगे। मेजर जनरल ने कहा कि हमने इसे ग्रेजुएशन की आवश्यक शर्तों से हटा दिया है इसका मतलब यह नहीं है कि वे लोग अब हैंड ग्रेनेड फेंकने का अभ्यास नहीं करेंगे। वे लोग सभी वहीं काम करेंगे, लाइव हैंड ग्रेनेड भी फेंकेगे, सिर्फ ग्रेजुएशन के लिए इसकी जरूरत नहीं होगी। रिपोर्ट के मुताबिक वक्त को बचाने के लिए हैंड ग्रेनेड फेंकने का तरीका अब ट्रेनिंग के दूसरे कामों के दौरान सिखाया जाएगा।

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