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लाखों ब्रा इकट्ठा कर रहा यह संगठन! मकसद जान आप भी करेंगे सलाम

एकत्रित किए ब्रा को दुनियाभर के 20 से अधिक देशों में जरूरतमंद महिलाओं के लिए भेजा जाता है। इनमें प्रशांत द्वीप, साउथ ईस्ट एशिया, अफ्रीका के देश शामिल हैं।

Author नई दिल्ली | Updated: August 18, 2019 2:50 PM
रिपोर्ट के अनुसार ब्रा उपलब्ध होने से पापुआ न्यू गिनी, सोलोमन, फिजी जैसे देशों में युवा महिलाओं के जीवन में बड़ा परिवर्तन आ रहा है। (फोटोःfacebook/Upliftbras)

रियानन डोनाल्डसन हर महीने ब्ल्यू माउंटेन स्थित अपने घर से लंबी दूरी तय कर सिडनी तक की यात्रा करती हैं। वह सिडनी सिर्फ ब्रा देने के लिए जाती हैं। वह पिछले तीन साल से अपलिफ्ट प्रोजेक्ट के लिए ब्रा डोनेट कर रही हैं। अपलिफ्ट प्रोजेक्ट दुनियाभर की उन महिलाओं को मदद करता है जिनको ब्रा उपलब्ध नहीं हो पाती है।

एसबीएस न्यूज से बातचीत में डॉनल्डसन ने कहा कि ब्रा नहीं मिलने या सही साइज की ब्रा उपलब्ध नहीं होने से महिलाओं को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस पहल की शुरुआत साल 2005 में मेलबर्न के लिज बेकर ने की थी। यह संगठन पिछले 14 साल में 25 लाख ब्रा डोनेट कर चुका है।

डोनाल्डसन ने अपने घर के बाहर ब्रा कलेक्शन के लिए टब लगा रखा है। यहां से एकत्रित किए ब्रा को दुनियाभर के 20 से अधिक देशों में भेजा जाता है। इनमें प्रशांत द्वीप, साउथ ईस्ट एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं। इन देशों में अंडर गार्मेंट या तो महंगे है या फिर उपलब्ध ही नहीं हो पाते हैं।

अपलिफ्ट प्रोजेक्ट की संस्थापक बेकर कहती हैं कि अधिकतर ऑस्ट्रेलियाई महिलाओं की अलमारी में एक ऐसी ब्रा जरूर होती है जिसमें वह खुद को असहज नहीं महसूस कर पाती हैं। इन ब्रा को फेंका भी नहीं जा सकता है। डोनाल्डसन ब्रा एकत्रित करने के बाद महिलाओं की जरूरत के अनुसार उनके साइज व टाइप के आधार पर छांटती हैं।

स्पोर्ट्स ब्रा को गरीब देशों की स्पोर्ट्स टीमों के लिए भेजा जाता है। वहीं छोटे कप वाले ब्रा को फिलीपींस की महिलाओं के लिए भेजा जाता है। वहीं बड़े साइज वाली ब्रा को अफ्रीकी देशों में भेजा जाता है। रिपोर्ट के अनुसार ब्रा उपलब्ध होने से पापुआ न्यू गिनी, सोलोमन, फिजी जैसे देशों में युवा महिलाओं के जीवन में बड़ा परिवर्तन आता है।

रिपोर्ट के अनुसार इन देशों में महिलाएं अपने ब्रेस्ट को छिपाने के लिए स्कूल यूनिफॉर्म के नीचे तीन-तीन टीशर्ट पहनती हैं। इस साल जुलाई में प्रोजेक्ट के तहत ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आने वाली पीएनजी सेलवेशन आर्मी नेटबॉल टीम को स्पोर्ट्स ब्रा गिफ्ट किए गए। डोनाल्डसन के अनुसार उनके संगठन को अन्य देशों में ब्रा को भेजने के लिए वित्तीय चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है।

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