ताज़ा खबर
 

परमाणु समझौते के तहत ईरान से भारी जल खरीदेगा अमेरिका

अमेरिका स्वयं भारी जल का उत्पादन नहीं करता है और वह अब तक इसे कनाडा और भारत से खरीदता रहा है।

Author वॉशिंगटन | April 23, 2016 7:26 PM
US Sale Weapons, China sale Weapons, Russia sale Weapons, Weapons pakistanअमेरिका का राष्ट्रीय ध्वज। (चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है)

अमेरिका ईरान से 86 लाख डॉलर की कीमत का 32 टन भारी जल खरीदेगा ताकि तेहरान को पिछले वर्ष हुए ऐतिहासिक परमाणु समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करने में मदद मिल सके। भारी जल परमाणु हथियार विकसित करने के लिए एक अहम घटक है। अमेरिका स्वयं भारी जल का उत्पादन नहीं करता है और वह अब तक इसे कनाडा और भारत से खरीदता रहा है। भारी जल को अनुसंधान एवं अन्य मकसद के लिए घरेलू स्तर पर दोबारा बेचा जा सकता है।

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता एलिजाबेथ ट्रुडो ने बताया, ‘‘ऊर्जा मंत्रालय के माध्यम से अमेरिकी सरकार ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन की एक सहायक कंपनी से 32 टन भारी जल खरीदेगी।’’ उन्होंने शुक्रवार (22 अप्रैल) कहा, ‘‘यह भारी जल उद्योग एवं घरेलू अनुसंधान के कार्यों के लिए इस वर्ष अमेरिका की घरेलू मांग के एक बड़े भाग को पूरा करेगा।’’

ईरान, अमेरिका और विश्व की पांच अन्य शक्तियों के बीच पिछले साल हुए ऐतिहासिक परमाणु समझौते के तहत ईरान पर उसके भारी जल के भंडार को कम करने की जिम्मेदारी है। एलिजाबेथ ने कहा कि यह पदार्थ रेडियोधर्मी नहीं है और यह सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा नहीं करता है। यह सौदा अमेरिकी उद्योग को एक आवश्यक उत्पाद मुहैया कराता है और साथ ही इसकी मदद से ईरान को संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) के तहत उसके पास अत्यधिक मात्रा में मौजूद भारी जल बेचने मे मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि जेसीपीओए के साथ ईरान की सहमति का अर्थ है कि इस पदार्थ को पहले ही ईरान से हटा दिया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसका इस्तेमाल परमाणु हथियार के विकास में समर्थन के लिए नहीं होगा। एलिजाबेथ ने कहा, ‘‘भारी जल की हमारी खरीदारी का मतलब है कि इसका इस्तेमाल अमेरिका में गैर परमाणु औद्योगिक जरूरतों में महत्वपूर्ण अनुसंधान के लिए होगा।’’

उन्होंने कहा कि अमेरिकी विशेषज्ञों को उम्मीद है कि भारी जल आगामी सप्ताह में अमेरिका को मुहैया करा दिया जाएगा जिसे शुरुआत में ओक रिज नेशनल लेबोरेटरी में रखा जाएगा और बाद में इसे घरेलू वाणिज्य एवं अनुसंधान के लिए खरीदारों को वाणिज्यिक रूप से उचित दाम पर पुन: बेचा जाएगा। भारी जल का इस्तेमाल जैव चिकित्सा एवं नैदानिक अनुसंधान, पर्यावरण विश्लेषण, भौतिकी और रसायन विज्ञान में इस्तेमाल होने वाले यौगिकों के विकास, निर्माण एवं बिक्री में होता है।

एलिजाबेथ ने कहा कि अमेरिका ईरान से भारी जल खरीदने के लिए बाध्य नहीं है और ना ही वह भविष्य में ऐसा करने के लिए बाध्य है, लेकिन जेसीपीओए के तहत ईरान को अपनी भारी जल इंवेंट्री में 130 टन के स्तर के नीचे तक कमी लाने की आवश्यकता है। ऐसा करने का एक माध्यम अतिरिक्त भारी जल अन्य देशों या कंपनियों को बेचना है। यह संभव है कि अन्य देश भविष्य में इसे खरीदने के इच्छुक हों।

अमेरिकी ऊर्जा मंत्री अर्नेस्ट मोनिज ने ‘द वॉल स्ट्रीट’ पत्रिका से कहा, ‘‘इस खरीदारी का प्रबंध ऊर्जा मंत्रालय की ओर से किया गया है। यह दुनिया के लिए एक बयान है: यदि आप ईरान से भारी जल खरीदना चाहते हैं, तो आप ईरान से भारी जल खरीद सकते हैं। ऐसा हो चुका है। अमेरिका ने भी ऐसा किया है।’’

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 अमेरिका: भारतीयों की तस्करी करने के लिए ग्वाटेमाला की महिला को जेल
2 पाकिस्तानी तालिबान ने सिख नेता की हत्या की जिम्मेदारी ली
3 नवाज को फिर सता रहा तख्तापलट का डर, सेना को दी धमकी- अल्लाह के सामने ही झुकेगा सिर
ये पढ़ा क्या?
X