ताज़ा खबर
 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के उम्मीदवार पहली बार लेंगे सार्वजनिक चर्चा में हिस्सा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के उम्मीदवारों में तीन का ताल्लुक पूर्वी यूरोप से है जिनमें एक फिलहाल संयुक्त राष्ट्र पदाधिकारी भी हैं।

Author संयुक्त राष्ट्र | April 10, 2016 11:19 PM
संयुक्त राष्ट्र। (फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र के 70 साल के इतिहास में पहली बार महासचिव पद के उम्मीदवार सार्वजनिक चर्चा में भाग लेंगे और उनसे सदस्य राष्ट्र सवाल-जवाब भी कर सकेंगे। इस प्रक्रिया का मकसद इस विश्व निकाय के सर्वोच्च राजनयिक चयन को लेकर पारदर्शिता बढ़ाना है। मौजूदा आठ उम्मीदवारों में से हर एक का 12 अप्रैल से शुरू हो रहे अनौपचारिक संवाद के तीन दिनों में औपचारिक रूप से परिचय कराया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र में कुल 193 सदस्य राष्ट्र और फलस्तीन और हॉली सी के तौर पर दो पर्यवेक्षक हैं। महासभा में इन सभी के प्रतिनिधि शामिल होंगे। आम लोग भी सिविल सोसायटी के सदस्यों और सोशल मीडिया के माध्यम से अपने सवाल पूछ सकते हैं।

महासभा अध्यक्ष मोगेंस लीकेतोफ्त ने कहा, ‘यह परिवर्तनकारी प्रक्रिया रहने वाली है। यह संयुक्त राष्ट्र की संपूर्ण मशीनरी के इर्द-गिर्द पारदर्शिता बढ़ाने का एक और मौका होगा।’ पारंपरिक रूप से महासचिव का चुनाव बंद दरवाजे में कुछ शक्तिशाली देश करते आ रहे थे लेकिन संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब चयन की प्रक्रिया में हर उम्मीदवार के साथ सार्वजनिक संवाद शामिल होगा। इस 70 साल पुराने निकाय की अगुआई अब तक किसी महिला ने नहीं किया है। ऐसे में कई देशों और सिविल सोसायटी के लोगों की मांग है कि इस संगठन की अगुआई के लिए इस बार किसी महिला का चयन किया जाए। संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के लिए आठ मौजूदा उम्मीदवारों में चार महिलाए हैं। इनमें क्रोएशिया की पूर्व विदेश मंत्री वेसना प्यूकिक, यूनेस्को की महासचिव इरिना बोकोवा, न्यूजीलैंड की पूर्व प्रधानमंत्री हेलेन क्लार्क और मोलदोवा की पूर्व विदेश मंत्री नतालिया घेरमैन शामिल हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के उम्मीदवारों में तीन का ताल्लुक पूर्वी यूरोप से है जिनमें एक फिलहाल संयुक्त राष्ट्र पदाधिकारी भी हैं। अन्य उम्मीदवारों में मकदूनिया के पूर्व विदेश मंत्री सगजान करीम, मोंटेनेग्रो के पूर्व प्रधानमंत्री इगोर लुकसिस, स्लोवेनिया के पूर्व राष्ट्रपति डेनिलो तुर्क और पुर्तगाल के पूर्व प्रधानमंत्री एंटोनियो गुतेरेस शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून (71)इस साल के आखिर में पदमुक्त हो रहे हैं। भारत महासचिव के चयन की मौजूदा प्रक्रिया को बदलने और इसमें सुधार करने के लिए बार -बार आह्वान करता रहा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी दूत अशोक मुखर्जी ने पिछले साल कहा था कि लैंगिक समानता और क्षेत्रवार क्रम को महत्व मिलना चाहिए। उम्मीदवारों के साथ अनौपचारिक संवाद 12 अप्रैल से आरंभ होगा और यह दो दिनों तक चलेगा।

अगले चरण के संवाद जून में होंगे और सुरक्षा परिषद जुलाई महीने में विचार-विमर्श शुरू कर देगी। चयन प्रक्रिया की शुरुआत के साथ हर उम्मीदवार के पास टेलीविजन और वेबकास्ट के माध्यमों पर दो घंटे का समय होगा। इस दौरान उम्मीदवार अपनी मौखिक प्रस्तुति दे सकेगा। यही नहीं, उम्मीदवार की ओर से 2017 और इसके आगे के अपने दृष्टिकोण को लेकर एक लिखित बयान सौंपना होगा। कुछ उम्मीदवार ये लिखित बयान पहले ही सौंप चुके हैं। परिचय देने वाले संबोधन के बाद हर उम्मीदवार से संयुक्त राष्ट्र के सदस्य दो या तीन मिनट में सवाल-जवाब कर सकेंगे। उम्मीदवार सोशल मीडिया के सवालों का भी जवाब देंगे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App