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पेरिस समझौते की मंजूरी की बात पर संयुक्‍त राष्‍ट्र ने थपथपाई भारत की पीठ, कहा- बेसब्री से खबर का इंतजार

विश्व के दो सबसे बड़े उत्सर्जक अमेरिका और चीन इस महीने की शुरूआत पेरिस समझौते से औपचारिक रूप से जुड़ गए।

Author September 26, 2016 11:48 am
इस साल के अगस्त तक भारत के 2,300 जवान सुडान के मिशन पर हैं और 3,400 जवान कांगो के मिशन पर।

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बान की मून ने जलवायु परिवर्तन संबंधी पेरिस समझौते का अनुमोदन करने के निर्णय को लेकर ‘‘शीघ्र कार्रवाई’ करने के लिए भारत की आज प्रशंसा की और कहा कि वह नयी दिल्ली की ओर से यह खबर दिए जाने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून के उप प्रवक्ता फरहान हक ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘महासचिव ने बड़ी संख्या में देशों द्वारा पेरिस समझौते के शीघ्र अति शीघ्र अनुमोदन संबंधी अपनी उम्मीदों को स्पष्ट किया है, इसलिए भारत की शीघ्र कार्रवाई से उन्हें खुशी होगी। वह भारत की ओर से यह खबर दिए जाने का इंतजार कर रहे हैं।’’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल केरल में घोषणा की थी कि भारत पिछले साल पेरिस में हुए जलवायु समझौते का दो अक्तूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर अनुमोदन करेगा। विश्व के दो सबसे बड़े उत्सर्जक अमेरिका और चीन इस महीने की शुरूआत पेरिस समझौते से औपचारिक रूप से जुड़ गए। इस समझौते को पेरिस में पिछले साल दिसंबर में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के 195 पक्षों ने पारित किया था।इस समझौते में देशों से जलवायु परिवर्तन से निपटने एवं भविष्य में स्थायी रूप से कम कार्बन उत्सर्जन के लिए आवश्यक निवेश करने एवं कदमों को तेज करने की अपील की गई है।

पेरिस समझौता के लागू होने के लिए ऐसे कम से कम 55 देशों से इसके अनुमोदन की जरूरत है जो ग्रीन हाउच्च्स गैस के कुल 55 प्रतिशत उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं। इन देशों के अनुमोदन के 30 दिनों बाद यह लागू हो जाएगा। बान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन संबंधी पेरिस समझौते से 55 से अधिक देश औपचारिक रूप से जुड़ गए हैं। इसके मद्देनजर अहम पड़ाव पार हो गया है जो ऐतिहासिक समझौते को लागू करने में मदद करेगा। इस समझौते का लक्ष्य दुनिया को कम कार्बन उत्सर्जन एवं अधिक स्थायी भविष्य के मार्ग पर ले जाना है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा, ‘‘मुझे भरोसा है कि मेरे कार्यालय छोड़ने से पहले पेरिस समझौता लागू हो जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुपक्षवाद के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।’’

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अमेरिका और चीन के साथ विश्व के शीर्ष ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जकों में शामिल भारत ने बार बार यह कहा है कि जलवायु परिवर्तन से निपटने का बोझ समृद्ध देशों द्वारा दशकों तक औद्योगिक विकास किए जाने के बाद गरीब देशों के कंधों पर नहीं डाला जा सकता। भारत ने हर घर में विद्युत आपूर्ति मुहैया कराने की सरकार की योजना के तहत वर्ष 2022 तक अपनी नवीकरणीय उर्च्च्जा क्षमता को चौगुणा करके 175 गीगावाट करने की घोषणा की है।

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