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दुनिया की सबसे बड़ी पंचायत में भी पैसों का संकट, इस महीने खाली हो जाएगा खजाना, 1600 करोड़ रुपए से ज्यादा घाटा ढो रहा UN

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी के अनुसार, महासचिव ने सदस्य देशों से इस साल की शुरूआत में वैश्विक निकाय की नकदी संबंधी समस्या दूर करने के लिए योगदान राशि बढ़ाने को कहा था लेकिन सदस्य देशों ने इससे मना कर दिया।

Author नई दिल्ली | Published on: October 8, 2019 1:28 PM
संयुक्त राष्ट्र के महासिचव एंतोनियो गुतारेस।

संयुक्त राष्ट्र महासिचव एंतोनियो गुतारेस ने कहा है कि वैश्विक निकाय कोष की कमी से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के पास 23 करोड़ डॉलर (1631.4 करोड़ रुपए) नकदी की कमी है और अक्टूबर के अंत तक उसके पास रखा पैसा पूरी तरह खत्म हो जाने की आशंका है। संयुक्त राष्ट्र सचिवालय में काम करने वाले 37,000 कर्मचारियों को लिए पत्र में गुतारेस ने सोमवार को कहा कि कर्मचारियों को वेतन और अन्य भत्ते देने के लिये खर्चों में कमी लाने को लेकर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने लिखा है, ‘‘सदस्य देशों ने 2019 के लिए जरूरी हमारे नियमित बजट का केवल 70 प्रतिशत ही भुगतान किया है। इसके कारण सितंबर में निकाय के पास 23 करोड़ डॉलर नकदी की कमी है। हमारे समक्ष इस माह के अंत तक पहले से पड़े नकदी भंडार के समाप्त होने का जोखिम है।’ गुतारेस ने खर्च में कमी लाने के लिए सम्मेलनों, बैठकों को टालने और सेवाओं में कटौती का जिक्र किया है। साथ ही उन्होंने केवल जरूरी कामकाज को लेकर ही आधिकारिक यात्रा तथा ऊर्जा बचत के लिए कदम उठाने का भी जिक्र किया।

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी के अनुसार, महासचिव ने सदस्य देशों से इस साल की शुरूआत में वैश्विक निकाय की नकदी संबंधी समस्या दूर करने के लिए योगदान राशि बढ़ाने को कहा था लेकिन सदस्य देशों ने इससे मना कर दिया। गुतारेस ने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र की वित्तीय स्थिति के लिए अंतत: सदस्य देश ही जिम्मेदार हैं।’ संयुक्त राष्ट्र का बजट 2018-19 के लिए करीब 5.4 अरब डॉलर था। इसमें अमेरिका का योगदान 22 प्रतिशत रहा। इसमें शांति स्थापना से जुड़े कार्यों के लिए होने वाला खर्च शामिल नहीं है।

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