ताज़ा खबर
 

भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ता के साथ बुरे बर्ताव पर संराष्ट्र ने चीन को चेताया

मानवाधिकार कार्यकर्ता यांग माओदोंग को एक अखबार की सेंसरशिप के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर विरोध प्रदर्शन करने के कारण अगस्त 2013 में गिरफ्तार किया गया था।

Author संयुक्त राष्ट्र | August 5, 2016 13:01 pm
संयुक्त राष्ट्र (फाइल फोटो)

चीन में एक अखबार की सेंसरशिप के खिलाफ जेल में भूख हड़ताल पर बैठे चीन के एक प्रसिद्ध कार्यकर्ता की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने चीन से कार्यकर्ता को तत्काल चिकित्सीय सेवा उपलब्ध करवाने के लिए कहा है। चीन के जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता यांग माओदोंग को ग्वांग्झू के एक अखबार की आधिकारिक सेंसरशिप के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर विरोध प्रदर्शन करने के कारण अगस्त 2013 में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें ‘सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने के लिए भीड़ इकट्ठा करने’ और ‘झगड़ा करने तथा परेशानी खड़ी करने’ के आरोपों में छह साल कैद की सजा दी गई। यांग ‘गुओ फिक्सियोंग’ नाम से लिखते रहे हैं और उन्हें उनके लेखन वाले नाम से पहचाना जाता है।

संयुक्त राष्ट्र की ओर से नियुक्त विशेषज्ञों के एक स्वतंत्र समूह ने कहा, ‘हम हिरासत में गुओ के साथ लगातार किए जा रहे अपमान और प्रताड़ना वाले व्यवहार को लेकर चिंतित है। उनके साथ ये बर्ताव ग्वांगदोंग प्रांत के यांगचुन जेल में अन्य कैदियों और जेल के सुरक्षाकर्मियों के हाथों करवाया जा रहा है।’
गुओ लगभग तीन माह से भूख हड़ताल पर हैं। वे किसी दूसरी जेल में स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं, जहां उनके साथ बुरा व्यवहार न किया जाए।

विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसा लगता है कि उन्हें उपयुक्त चिकित्सा सेवा न दिए जाने, सोने न दिए जाने और उनके साथ अन्य बुरे बर्ताव किए जाने के पीछे की वजह यह है कि वह एक मानवाधिकार रक्षक हैं। विशेषज्ञों ने कहा, ‘गुओ की छह साल की सजा उनके शांतिपूर्ण और वैध मानवाधिकारों की गतिविधियों से जुड़ी है।’ उन्होंने कहा, ‘उनकी एकमात्र गलती यह है कि उन्होंने चीन में सेंसरशिप के संदर्भ में शांतिपूर्ण ढंग से एकजुट होने और अभिव्यक्ति के अपने अधिकारों का इस्तेमाल किया।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App