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अगर भारत का अधिकार क्षेत्र साबित हो जाता है तो इटली को मरीन वापस भेजना होगा: संरा अदालत

सल्वातोरे गिरोने और मासीमिलियानो लातोरे वे दो इतालवी मरीन हैं जिन्होंने 2012 में केरल के तट के निकट दो भारतीय मछुआरों की कथित तौर पर हत्या कर दी थी।

हेग | May 3, 2016 6:44 PM
इटली के दोनों नौसैनिकों पर मछुआरों को मारने का आरोप है। (पीटीआई फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र न्यायाधिकरण ने मंगलवार (3 मई) को कहा कि अगर भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोपी इतालवी मरीन सल्वातोरे गिरोने के मामले में भारतीय अधिकार क्षेत्र पाया जाता है तो इटली को अपने इस मरीन को वापस भारत लौटाना होगा। सल्वातोरे गिरोने और मासीमिलियानो लातोरे वे दो इतालवी मरीन हैं जिन्होंने 2012 में केरल के तट के निकट दो भारतीय मछुआरों की कथित तौर पर हत्या कर दी थी। लातोरे 2014 में इटली वापस आ गया था, जबकि गिरोने नई दिल्ली स्थित भारतीय दूतावास में है। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र अदालत की ओर से मध्यस्थता पर सहमति जताई है।

न्यायाधिकरण के आदेश में कहा गया है, ‘‘इटली और भारत गिरोने की जमानत की शर्तों में छूट देने के लिए भारत के उच्चतम न्यायालय के समक्ष कार्यवाही सहित सभी जगहों पर सहयोग करेंगे ताकि मानवता पर विचार करने के सिद्धांत को प्रभावी बनाया जा सके और इससे गिरोने भारत के उच्चतम न्यायालय के प्राधिकार के तहत रहते हुए भी मौजूदा मध्यस्थता के दौरान इटली लौट सकता है।’’

आदेश में कहा गया है, ‘‘मध्यस्थता न्यायाधिकरण उस स्थिति में गिरोने को वापस भारत भेजने की इटली की बाध्यता की पुष्टि करता है जब न्यायाधिकरण यह पायेगा कि ‘एनरिका लेक्सी’ घटना के संदर्भ में भारत का अधिकार क्षेत्र है। ’’

उसने कहा कि मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने फैसला किया है कि इटली और भारत ‘इन अंतरिम कदमों के अनुपालन के संदर्भ में रिपोर्ट करेंगे और अध्यक्ष को इसके लिए अधिकृत करेंगे कि वह तीन महीने के भीतर ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं सौपे जाने पर संबंधित पक्षों से सूचना मांग सके तथा इसके बाद वह उचित ढंग से विचार कर सकता है।

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