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संरा प्रमुख बान की मून श्रीलंका यात्रा के दौरान जाएंगे जाफना, राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना से करेंगे मुलाक़ात

बान की यह दूसरी श्रीलंका यात्रा है। वर्ष 2009 में श्रीलंकाई सैनिकों द्वारा लिट्टे को पराजित कर तीन दशकों से जारी गृहयुद्ध समाप्त करने के तत्काल बाद, बान ने श्रीलंका का दौरा किया था।

Author संयुक्त राष्ट्र | August 26, 2016 12:26 pm
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून। (पीटीआई फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून इस माह के आखिर में श्रीलंका की यात्रा के दौरान जाफना के पुनर्वास स्थल का दौरा करेंगे और श्रीलंकाई राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना तथा प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात करेंगे। बान इस सप्ताह के आखिर में सिंगापुर के लिए निकलेंगे। यात्रा के प्रथम चरण में वह म्यांमार और श्रीलंका के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। इसके बाद वह जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने चीन जाएंगे और फिर वार्षिक आसियान-संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के लिए लाओ पीपल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक जाएंगे।

सिरिसेना और विक्रमसिंघे के अलावा श्रीलंकाई सरकार के मंत्रियों और संसदीय सदस्यों से मुलाकात करने बान 31 अगस्त को कोलंबो की यात्रा करेंगे। बान के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने गुरुवार (25 अगस्त) संवाददाताओं से कहा, ‘श्रीलंका में महासचिव देश के उत्तर में जाफना स्थित पुनर्वास स्थलों का दौरा करेंगे और देश के दक्षिण में स्थित गाले में सुलह सहमति तथा सह अस्तित्व में युवाओं की भूमिका पर एक समारोह में शिरकत भी करेंगे।’

बान सिंगापुर में प्रधानमंत्री ली सियप लूंग तथा अन्य सरकारी अधिकारियों से मिलेंगे। सिंगापुर के राष्ट्रपति टोनी तान केंग याम उन्हें सिंगापुर के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय में डॉक्टरेट की मानद उपाधि से भी सम्मानित करेंगे। बान म्यांमार में राष्ट्रपति यू तिन काव और म्यांमार सशस्त्र बलों के कमांडर सीनियर जनरल मिन आंग लिंग के अलावा अन्य राजनीतिक और समाजिक नेताओें से मुलाकात करेंगे।

तीन सितंबर को जी-20 शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के लिए वह चीन के हांगझोउ पहुंचेंगे। इस सम्मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी हिस्सा लेंगे। बान अपनी यात्रा के अंतिम चरण में आठवें वार्षिक आसियान-संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन और 11वें पूर्व एशियाई शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने सात सिंतबर को लाओस के वियंतियाने जाएंगे। बान की यह दूसरी श्रीलंका यात्रा है।

वर्ष 2009 में श्रीलंकाई सैनिकों द्वारा लिट्टे को पराजित कर तीन दशकों से जारी गृहयुद्ध समाप्त करने के तत्काल बाद, बान ने श्रीलंका का दौरा किया था। बान की उस यात्रा के बाद से ही, लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान अपने कथित युद्ध अपराधों की जवाबदेही के लिए श्रीलंका संयुक्त राष्ट्र की जांच के दायरे में आ गया था। संयुक्त राष्ट्र का मानवाधिकार परिषद वर्ष 2012 से अभी तक तीन प्रस्ताव पारित कर चुका है। इनमें युद्ध के दौरान किए अपराधों के लिए सरकारी सैनिकों और लिट्टे पर जवाबदेही तय करने का आग्रह किया गया है।

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