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बांग्लादेश की गैस पाइप लाइन उड़ाने की धमकी दी उल्फा ने

एक सौ 29 किलोमीटर लंबी बिबियाना पाइपलाइन बांग्लादेश की सबसे बड़ी पारेषण लाइन है जो असम की सीमा से सटे हबीगंज के बिबियाना गैस फील्ड से गैस नेशनल ग्रीड पहुंचाती है।

Author ढाका | Published on: April 14, 2016 12:21 AM
अलगाववादी संगठन उल्फा (फाइल फोटो)

अलगाववादी संगठन उल्फा के वार्ता विरोधी गुट ने विस्फोट कर बांग्लादेश की सबसे बड़ी गैस पारेषण पाइपलाइन को उड़ा देने की धमकी दी है जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा चौकसी बढ़ा दी है। अखबार ‘समकाल’ ने भारतीय खुफिया एजंसियों से मिली सूचना के आधार पर अपनी खबर में कहा है कि हाल ही में यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के परेश बरुआ के नेतृत्व वाले गुट ने विस्फोट कर बिबियाना गैस फील्ड की पारेषण लाइन को उड़ा देने की धमकी दी है। यह गैस फील्ड 45 फीसदी गैस की आपूर्ति करता है। इस खबर के अनुसार हाल ही में भारतीय खुफिया एजंसियों ने बरुआ की एक उल्फा कमांडर के साथ टेलीफोन पर बातचीत को टैप कर इस साजिश का खुलासा किया। बरुआ ने इस कमांडर को बांग्लादेश में गैस पाइपलाइन उड़ा देने को कहा।

एक सौ 29 किलोमीटर लंबी बिबियाना पाइपलाइन बांग्लादेश की सबसे बड़ी पारेषण लाइन है जो असम की सीमा से सटे हबीगंज के बिबियाना गैस फील्ड से गैस नेशनल ग्रीड पहुंचाती है। इसका संचालन अमेरिकी तेल कंपनी शेवरॉन के हाथों में है। विदेशी और स्थानीय तेल कंपनियों को गैस संयंत्र अनुबंध पर देने वाली सरकारी कंपनी पेट्रोबांग्ला के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें पिछले हफ्ते यह सूचना मिली है और उन्होंने संबंधित सरकारी अधिकारियों के साथ यह मुद्दा उठाया और शेवरॉन को चौकस कर दिया।

पेट्रोबांग्ला के निदेशक एम कमरुज्जमान ने से कहा कि पेट्रो बांग्ला और शेवरॉन ने संयंत्र और पारेषण लाइन की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहले ही गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि कानून प्रवर्तन और सुरक्षा एजंसियों से इस कथित धमकी के मद्देनजर जरूरत कदम उठाने और चौकसी बढ़ाने को कहा गया है क्योंकि उल्फा का भारतीय गैस पाइपलाइनों में तोड़फोड़ करने का इतिहास रहा है।

वैसे अधिकारियों ने कहा कि वे इसकी प्रमाणिकता और इस संगठन के बचे खुचे लोगों की क्षमता को परखने में जुटे हैं। गृहमंत्री असादुज्जमान कमाल ने इस धमकी की प्रमाणिकता और उल्फा की क्षमता पर संदेह प्रकट किया है क्योंकि उसके ज्यादातर शीर्ष नेता भारत सरकार के साथ अपनी वार्ता के मद्देनजर अपना अलगाववादी अभियान छोड़ चुके हैं।

उन्होंने बांग्लादेश द्वारा उल्फा को अपनी अपनी सरजमीं से खदेड़ दिए जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘हालांकि परेश बरुआ अब भी फरार है लेकिन हम समझते हैं कि भारत ने उसकी गतिविधियों पर अपनी नजर लगा रखी है और हमारी भी उस पर नजर है क्योंकि उसने एक बार बांग्लादेश में शरण ली थी।’

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