यूक्रेन की राजधानी कीव और दूसरे शहरों में गुरुवार को हजारों यूक्रेनी नागरिक सड़कों पर उतर आए। लोगों के इस प्रदर्शन से युद्ध के दौरान राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। लोगों ने राजधानी कीव में राष्ट्रपति कार्यालय के सामने जेलेंस्की शर्म करो के नारे लगाए।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, 1000 से अधिक प्रदर्शनकारी कीव में जेलेंस्की के दफ्तर के बाहर जमा हुए और शर्म करो! के नारे लगाए। उनके हाथों में ऐसे प्लेकार्ड थे जिन पर लिखा था “किसलिए?” और “रूसी जश्न मना रहे हैं”।

यूक्रेन के कई शहरों में प्रदर्शन

कीव के अलावा, निप्रो, ओडेसा और दूसरे शहरों में भी ऐसे ही प्रदर्शन हुए। ये प्रदर्शन पिछले साल भ्रष्टाचार-विरोधी प्रदर्शनों के बाद से सबसे बड़े सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों में से एक थे, जिन्होंने जेलेंस्की को विवादास्पद कानून पर अपना फैसला बदलने के लिए मजबूर किया था।

क्यों हो रहा ये प्रदर्शन?

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हाल ही में रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव को हटा दिया। उनके इस कदम के बाद जंग के दौरान जेलेंस्की के सामने सबसे बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया। साथ ही यूक्रेन के सैन्य नेतृत्व के बीच सार्वजनिक मतभेद भी सामने आ गया। इसके बाद ये प्रदर्शन तब हुए जब संसद ने एक नई सरकार को मंजूरी दी। हालांकि जेलेंस्की ने मिखाइलो फेडोरोव की जगह अभी किसी अन्य का नाम घोषित नहीं किया है।

रूस के साथ इस युद्ध में यूक्रेन को लगातार रूसी मिसाइल के हमलों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि यूक्रेनी सेना ने रूस के लॉजिस्टिक्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर लंबी दूरी के ड्रोन हमलों किए हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि रात भर कीव पर हुए रूसी मिसाइल हमलों में दो लोगों की मौत हो गई और एक बच्चे समेत पांच अन्य घायल हो गए।

सिर्फ छह माह में पद से हटाए गए मिखाइलो फेडोरोव

35 वर्षीय मिखाइलो फेडोरोव को यूक्रेन में आधुनिक बदलाव लाने वाले प्रमुख लोगों में से एक माना जाता है। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल की शुरुआत में रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने से पहले, उन्होंने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मंत्री के तौर पर काम किया। उन्होंने यूक्रेन के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाने वाले ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म बनाने में मदद की और देश के ड्रोन वॉरफेयर प्रोग्राम के तेजी से बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

रक्षा मंत्री के तौर पर अपने छह महीनों के कार्यकाल में, उन्होंने तेजी से ड्रोन की खरीदे, टेक्नोलॉजी पर आधारित सैन्य सुधारों को बढ़ावा दिया और रक्षा खरीद को आधुनिक बनाने की कोशिश की, ताकि यूक्रेन रूस की बड़ी सेना का मुकाबला कर सके।

यह भी पढ़ें: यूक्रेनी ड्रोन अटैक से मॉस्को की तेल रिफाइनरी में आग, उड़ानें प्रभावित

यूक्रेन ने एक हफ्ते में दूसरी बार ड्रोन हमले में रूस की राजधानी मॉस्को की एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया। इसके कारण हवाई अड्डों पर कमर्शियल फ्लाइट्स का संचालन रोकना पड़ा। गुरुवार को कई यूक्रेनी ड्रोन ने मॉस्को में कई स्थानों पर हमला किया जिससे एक तेल रिफाइनरी में आग लग गई। चार साल से भी अधिक समय पहले शुरू हुए रूसी आक्रमण के बाद से इसे यूक्रेन के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक माना जा रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें