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भारत ले जाकर जबरन की जा रही शादी? ब्रिटिश स्कूल में बच्चों को दिया आइडिया-अंडरवियर में छिपा लो चम्मच

लीड्स स्थित को-ऑपरेटिव एकेडमी की हरिंदर कौर का कहना है कि यूके में विदेश ले जाकर बच्चों की जबरन शादी करवाने की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं, ऐसे में बच्चों को इस बारे में जागरुक करना काफी जरूरी है।

तस्वीर का प्रयोग प्रतीक के तौर पर किया गया है। (फोटो सोर्स- वीडियो स्क्रीनशॉट)

इंग्लैंड के एक स्कूल में जबरन शादियों को रोकने के लिए बच्चों को बहुत ही अनोखा आइडिया दिया गया है। स्टूडेंट्स को चम्मचें बांटी गई हैं और उनसे कहा गया है कि अगर वे जबरन शादी से बचना चाहते हैं तो चम्मच को अपनी अंडरवियर में छिपा लें। ऐसे में जब उनके माता-पिता उन्हें जबरन शादी करवाने भारत और एशिया के अन्य देश लेकर जाएंगे, तब एयरपोर्ट में मेटल डिटेक्टर होने से सिक्योरिटी अलार्म बज जाएगा और बच्चों को सिक्योरिटी स्टाफ से अकेले में बात करने का मौका भी मिल जाएगा।

लीड्स स्थित को-ऑपरेटिव एकेडमी की हरिंदर कौर का कहना है कि यूके में विदेश ले जाकर बच्चों की जबरन शादी करवाने की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं, ऐसे में बच्चों को इस बारे में जागरुक करना काफी जरूरी है। कौर ने कहा, ‘अगर छात्रों को इस बात का डर है कि विदेश ले जाकर उनकी जबरन शादी करवा दी जाएगी, तो उन्हें अपने अंडरवियर में चम्मच छिपा लेनी चाहिए। इससे एयरपोर्ट पर मेटल डिटेक्ट होने का अलार्म बजेगा और वे सिक्योरिटी स्टाफ से बात कर सकेंगे।’

बीबीसी के मुताबिक कौर का कहना है कि 80 फीसदी जबरन शादियां उस वक्त हुई जब स्टूडेंट्स समर हॉलीडेज पर थे। उन्होंने कहा, ‘छह महीनों की छुट्टियों के दौरान स्कूल प्रशासन और स्टूडेंट्स के परिवार के बीच कोई संपर्क नहीं होता। परिवार को विदेश जाने का मौका मिल जाता है और वे वहां अपने बच्चे की जबरन शादी करवा देते हैं, फिर वापस आ जाते हैं। चम्मचों का इस्तेमाल करके हम बच्चों को उनकी सुरक्षा के लिए जागरुक कर रहे हैं।’ साल 2017 में विदेशी कार्यालय के जबरन शादी यूनिट (FMU) ने 82 ऐसे मामलों का पता लगाया था, जिनका लिंक भारत से था। FMU द्वारा आंकड़ें भी जारी किए गए थे, जिनमें यह बात सामने आई कि साल 2017 में जिन चार देशों में जाकर यूके के बच्चों की जबरन शादियां करवाई गई हैं, उनमें भारत भी शामिल है। पहले स्थान पर पाकिस्तान (439 केस), दूसरे पर बांग्लादेश (129), तीसरे पर सोमालिया (91 केस) और चौथे पर भारत (82 केस) है।

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