पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच यूएई में मिसाइल के मलबे के गिरने की वजह से दो लोगों की मौत हुई। इसमें भारतीय नागरिक भी शामिल है। जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की। यूएई में मौजूद भारतीय दूतावास ने भी इस घटना पर शोक जताया है। जारी बयान में कहा गया है कि मलबा गिरने की वजह से अबू धाबी में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई है। दूतावास यूएई प्रशासन के साथ संपर्क में है और सभी जरूरी मदद की जा रही है।
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि ईरान द्वारा किए गए हमले में अब तक 150 के करीब लोग घायल हो चुके हैं। इनमें पाकिस्तानी, नेपाली, बांग्लादेशी और भारतीय नागरिक शामिल हैं। जब से यह जंग शुरू हुई है, ईरान ने गल्फ देशों पर कई हमले किए हैं। यूएई में भी ड्रोन अटैक देखने को मिले हैं। जब से युद्ध शुरू हुआ है, ईरान ने बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब, कतर, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात को निशाना बनाया है। खाड़ी देश यह भी कह रहे हैं कि हमले सिर्फ अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हवाई अड्डों, होटलों और अन्य ठिकानों पर भी हो रहे हैं। इसके बावजूद, इन देशों ने ईरान के खिलाफ खुला मोर्चा नहीं खोला है।
खाड़ी देश नहीं कर रहे ईरान पर हमला
बीबीसी से बातचीत में अमेरिका के थिंक टैंक ‘सेंटर फॉर इंटरनेशनल पॉलिसी’ की सीनियर नॉन-रेजिडेंट फ़ेलो सिना तूसी ने कहा कि खाड़ी देश मानकर चल रहे हैं कि यह युद्ध उनका नहीं है। अगर वे जवाबी कार्रवाई करते हैं, तो यह एक बड़े संघर्ष में बदल सकता है। उनके मुताबिक, खाड़ी देशों को यह समझ आ चुका है कि अगर वे सीधे युद्ध में कूदते हैं, तो वे फायदे से ज्यादा नुकसान उठाएंगे।
जानकार यह भी मानते हैं कि ईरान जानबूझकर ऊर्जा ढांचे पर हमला कर रहा है, क्योंकि उसे पता है कि खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था इसी पर निर्भर करती है। इसी वजह से वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्ग को भी प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। इन हमलों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान किया है। 10 दिनों के लिए ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर अमेरिका द्वारा हमला नहीं किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
