ताज़ा खबर
 

उत्तर कोरिया के बढ़ते खतरे के बीच अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ लॉन्च की मिसाइल

अमेरिका ने आज उत्तर कोरिया की ओर से पहली बार अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने की पुष्टि करते हुए प्योंगयांग के कारण ‘बढ़ते खतरे’ को लेकर आगाह किया।
Author वाशिंगटन | July 5, 2017 11:05 am
अमेरिका ने आज उत्तर कोरिया की ओर से पहली बार अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने की पुष्टि करते हुए प्योंगयांग के कारण ‘बढ़ते खतरे’ को लेकर आगाह किया

अमेरिका ने आज उत्तर कोरिया की ओर से पहली बार अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने की पुष्टि करते हुए प्योंगयांग के कारण ‘बढ़ते खतरे’ को लेकर आगाह किया। इसके साथ ही अमेरिका ने इस परीक्षण के जवाब में दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर एक संयुक्त मिसाइल अभ्यास को अंजाम दिया। पेंटागन की प्रमुख प्रवक्ता डाना व्हाइट ने कहा कि उत्तर कोरिया के आईसीबीएम परीक्षण के बाद शक्ति परीक्षण के दौरान अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई सैनिकों ने दक्षिण कोरियाई जलक्षेत्र में मिसाइलें दागकर अपनी ‘‘सटीकता के साथ निशाना साधने’’की क्षमता का प्रदर्शन किया।

दक्षिण कोरिया में अमेरिकी बलों की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस अभ्यास में ‘‘आर्मी टेक्टिकल मिसाइल सिस्टम और दक्षिण कोरिया की ह्यूनमू मिसाइल 2 का इस्तेमाल किया गया। पूर्वी तट पर दक्षिण कोरिया के जलक्षेत्र में मिसाइलें दागीं गईं।’’ पेंटागन ने कहा कि खतरों के बीच इस क्षेत्र में अपने सहयोगियों- दक्षिण कोरिया और जापान की रक्षा के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता ‘अक्षुण्ण’ है।  एक बयान में प्रक्षेपण की पुष्टि करने वाले अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने कहा कि अमेरिका कभी भी परमाणु हथियारों से संपन्न उत्तर कोरिया को बर्दाश्त नहीं करेगा।

गौरतलब है कि दक्षिण कोरिया की सेना ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया ने मंगलवार को एक और बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। सोल के नए नेता मून जे-इन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अपने शिखर सम्मेलन में प्योंगयांग से उत्पन्न होने वाले खतरे पर ध्यान केंद्रित करने के एक दिन बाद ही यह मिसाइल दागी गई है। उकसावे की कार्रवाइयों में इस ताजा मिसाइल प्रक्षेपण ने परमाणु हथियारों से सशक्त उत्तर कोरिया के लक्ष्यों से उत्पन्न होने वाले तनाव को और बढ़ा दिया है।
दक्षिण कोरिया सेना ने अपने एक बयान में कहा कि यह ‘‘अज्ञात बैलिस्टिक मिसाइल’’ उत्तरी प्योंगान प्रांत के बैंगयोन के नजदीक एक स्थल से दागी गई, जो पूर्वी सागर (जापानी सागर का कोरियाई नाम) में आ गिरी। तोक्यो के रक्षा मंत्रालय की एक प्रवक्ता ने एएफपी को बताया कि उपकरण शायद जापान विशेष आर्थिक क्षेत्र में आ गिरा, जिससे पानी इसके तट से 200 नॉटिकल मील दूर तक फैल गया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.