ईरान के द्वारा पश्चिम एशिया में किए गए हमले में जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और एक लापता है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसकी पुष्टि की है।

सैनिकों की मौत से भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने के आदेश के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई में ईरान पर हवाई हमले किए।

अमेरिका-ईरान के संघर्ष में अब तक अमेरिका के 16 सैनिक मारे जा चुके हैं और 430 से ज्यादा घायल हुए हैं।

इससे पहले अमेरिका द्वारा किए गए हमले के जवाब में ईरान ने कुवैत, इराक, बहरीन, जॉर्डन और सऊदी अरब में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। कुवैत में पानी और तेल से जुड़ी मशीनरी को काफी नुकसान पहुंचा है।

पिछले एक हफ्ते से ज्यादा वक्त से ईरान और अमेरिका के बीच लगातार एक-दूसरे पर जोरदार हमले किए जा रहे हैं और दोनों देशों के बीच हुआ सीजफायर पूरी तरह टूट चुका है। इसके बाद हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं।

मोजतबा खामेनेई ने दी अमेरिका को धमकी

अमेरिकी हमलों को लेकर ईरान ने के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि अगर अमेरिका के हमले जारी रहे तो ईरान को कभी ना भूलने वाला सबक सिखाया जाएगा। ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में अमेरिका के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराया है।

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर शुरू हुए संघर्ष की वजह से होर्मुज जलमार्ग को लेकर संकट गहरा गया है। ईरान ने कहा है कि होर्मुज जलमार्ग पूरी तरह बंद है और इस रास्ते से गुजरने वाले तेल और गैस के जहाजों का निकलना मुश्किल हो गया है। बताना जरूरी होगा कि दुनिया भर के तेल और गैस का लगभग 20% हिस्सा इसी होर्मुज जलमार्ग से दुनिया के अलग-अलग देशों में जाता है।

अमेरिका के विदेश विभाग ने एडवाइजरी जारी की है और पश्चिम एशिया में रहने वाले अपने नागरिकों से सतर्क रहने को कहा है। विदेश विभाग ने कहा है कि माहौल अस्थिर है और हालात और भी ज्यादा खराब हो सकते हैं।

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अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच लंबे वक्त तक चले संघर्ष का असर अब दुबई की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। दुबई में पहले हजारों प्रवासी कामगारों को काम मिल जाता था लेकिन अब वहां नौकरी मिलना आसान नहीं है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।