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पाकिस्तान में लापता हुए दिल्ली के निजामुद्दीन दरगाह के मुख्य मौलवी, उनके भतीजे का भी पता नहीं

नई दिल्ली की निजामुद्दीन दरगाह के सज्जादानशीन समेत दो हिंदुस्तानी उलेमा पाकिस्तान में लापता हैं, जिसके बाद भारत ने इस मामले को पाकिस्तान सरकार के सामने उठाया है।

लापता हुए दोनों मौलवी। (फाइल)

नई दिल्ली की निजामुद्दीन दरगाह के सज्जादानशीन समेत दो हिंदुस्तानी उलेमा पाकिस्तान में लापता हैं, जिसके बाद भारत ने इस मामले को पाकिस्तान सरकार के सामने उठाया है। नयी दिल्ली के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार निजामुद्दीन दरगाह के सज्जादानशीन आसिफ निजामी और नाजिम निजामी लाहौर में मशहूर दाता दरबार दरगाह गए थे और वहां से उन्हें कराची के लिए विमान यात्रा करनी थी। एक सूत्र ने बताया, ‘‘उनके खानदान के मुताबिक, आसिफ को कराची जाने की इजाजत दी गई जबकि नामुकम्मल कागजात की बुनियाद पर नाजिम को लाहौर हवाई अड्डे पर रोक दिया गया।’’ सूत्र ने बताया, ‘‘जहां नाजिम लाहौर हवाई अड्डे पर लापता हो गए, आसिफ कराची हवाई अड्डा पहुंचने के बाद लापता हो गए।’’ सूत्र ने बताया कि भारत ने पाकिस्तान सरकार के साथ नई दिल्ली में और भारतीय उच्चायोग के मार्फत इस्लामाबाद में यह मुद्दा उठाया है। दोनों अपने रिश्तेदारों से मिलने आठ मार्च को कराची गए थे।

वहीं मौलवी नाजिम के पाकिस्तान स्थित रिश्तेदार वजीर निजामी से एक्सप्रेस ग्रुप ने बातचीत की। उन्होंने बताया कि जब लाहौर एयरपोर्ट से उन्हें एक फोन कॉल आया। फोन करने वाले शख्स ने अपना नाम तो नहीं बताया लेकिन उसने कहा कि उनके कजिन नाजिम के कुछ कागजात ठीक नहीं है जिसकी वजह से उन्हें डिटेन किया जा रहा है और वह कराची नहीं ट्रेवल कर सकते। वहीं फोन पर उन्हें यह भी बताया गया कि उनके(वजीर निजामी) चाचा आसिफ निजामी कराची ट्रेवल कर सकेंगे। इसके बाद वजीर ने बताया कि जब वह अपने चाचा आसिफ को लेने लाहौर एयरपोर्ट पहुंचे तो कई घंटे गुजर जाने के बाद वह एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकले। परेशान होकर वजीर ने एयरपोर्ट अधिकारियों ने बातचीत की तो उन्हें पता चला कि कुछ लोग आए थे और वे आसिफ को अपने साथ लेकर चले गए।

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वजीर ने आगे यह भी बताया कि कुछ समय के बाद उनका(आसिफ) फोन भी ऑफ हो गया था। उन्होंने कहा- “हम लोग बहुत परेशान हैं, दोनों 20 मार्च तक वापिस लौटना है। हम दुआ कर रहे हैं दोनों सही सलामत वापिस लौट आएं” बता दें कि निजामी परिवार भारत-पाकिस्तान बटवारे के समय से ही दोनों मुल्कों में रह रहे हैं। वहीं इस मामले को लेकर अधिकारियों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी शुरुआत में ही किसी नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहते। वहीं भारत इस मामले को लेकर काफी गंभीर है। गौरतलब है कि बीते फरवरी महीने में भी पाकिस्तान में एक सूफी दरगाह पर हुए हमले में 72 लोगों की बुस मौत हो गई थी।

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