कतर के रास लाफान औद्योगिक शहर में एक फैक्ट्री में हुए धमाके में मारे गए 13 लोगों में 12 भारतीय हैं। दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा, “कतर के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि रविवार रात रास लाफान में हुए हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई।”
पोस्ट में कतर के अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि धमाके में घायल लोगों का इलाज किया जा रहा है और उनकी हालत स्थिर है।
पोस्ट के मुताबिक, “दूतावास इस घटना से प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को हर संभव मदद मुहैया कराने के लिए कतर के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसमें यह सुनिश्चित करना भी शामिल है कि मृतकों के शव जल्द से जल्द भारत भेजे जाएं।”
कतर में भारतीय समुदाय सबसे बड़ा प्रवासी समूह है। कतर में 8,30,000 से ज्यादा भारतीय नागरिक अलग-अलग उद्योगों में काम करते हैं। रास लाफान कतर का प्रमुख प्राकृतिक गैस केंद्र है, जहां हजारों इंजीनियर, तकनीशियन और कर्मचारी काम करते हैं, इनमें कई भारतीय हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि हमारी संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ है। विदेश मंत्री ने बताया कि दूतावास कतर के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है।
तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुआ धमाका
कतर के गृह मंत्रालय ने एक बयान में बताया था कि रास लाफान औद्योगिक शहर में रविवार शाम बरजान स्थानीय गैस आपूर्ति संयंत्र में आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुए धमाके और उसके बाद लगी आग में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और 66 अन्य घायल हो गए। मंत्रालय ने कहा था कि आग लगने की घटना के तुरंत बाद सुरक्षा अधिकारियों ने रास लाफान में बचाव अभियान शुरू किया।
मंत्रालय ने कहा कि अधिकारी घटना के सटीक तकनीकी कारणों का पता लगाने और उससे जुड़ी सभी परिस्थितियों का ब्यौरा जुटा रहे हैं।
मंत्रालय ने कहा कि दुर्घटना के कारण कोई रिसाव नहीं हुआ और इससे आसपास के लोगों की सुरक्षा या पर्यावरण को कोई खतरा नहीं है।
यह धमाका इतना जबरदस्त था कि दोहा में कई जगहों पर इसकी आवाज सुनाई दी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घायलों में भारत के अलावा कतर, तंजानिया, पाकिस्तान, गिनी, नेपाल, बांग्लादेश और नाइजीरिया के लोग शामिल हैं।
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