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तुर्की में 9000 पुलिसकर्मी निलंबित और 1000 से ज्यादा संदिग्ध समर्थक हुए गिरफ्तार

अमेरिका में स्वनिर्वासित जीवन बिता रहे तुर्की के धर्म गुरु फेतुल्लाह गुलेन के संगठन से संपर्क के आरोप में तुर्की के 9,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

Author अंकारा | April 28, 2017 06:36 am
(Photo-Reuters)

अमेरिका में स्वनिर्वासित जीवन बिता रहे तुर्की के धर्म गुरु फेतुल्लाह गुलेन के संगठन से संपर्क के आरोप में तुर्की के 9,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले बुधवार को आंतरिक मंत्रालय ने कहा था कि पूरे तुर्की में मारे गए छापों में गुलेन के 1,000 से ज्यादा संदिग्ध समर्थकों को पुलिस हिरासत में लिया गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार यह कार्रवाई अंकारा में मुख्य लोक अभियोजक कार्यालय द्वारा की जा रही जांच के सिलसिले में की गई। तुर्की सरकार का आरोप है कि अमेरिकी में रह रहे गुलेन ने 2016 में उसका तख्ता पलटने की साजिश रची थी। तख्तापलट की इस साजिश में देश में 249 लोग मारे गए थे।

आपको बता दें कि तुर्की ने पिछले साल जुलाई में राष्ट्रपति रज्जब तैयब एर्दोगन के तख्तापलट के असफल प्रयास के मामले में 30 जनवरी को अब तक का सबसे बड़ा मुकदमा शुरू किया था। तख्तापलट के प्रयास के कथित मुख्य सरगना फतेउल्ला गुलेन समेत 270 संदिग्धों के खिलाफ मुकदमा चलेगा। गुलेन के खिलाफ उसकी अनुपस्थिति में ही मुकदमा चलेगा। सरकारी संवाद समिति अनादोलू की खबर के अनुसार 152 संदिग्ध मुकदमे से पूर्व हिरासत में हैं। इनमें पूर्व उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारी यथा पूर्व एजियन सैन्य कमान चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल मेमदूह हकबिलेन शामिल हैं।

‘नंबर एक’ संदिग्ध अमेरिका में रहने वाला इस्लामी उपदेशक गुलेन है। उसपर 15 जुलाई के असफल तख्तापलट का आदेश देने का आरोप है। इस आरोप का उसने खंडन किया है। जिस आंदोलन का गुलेन नेतृत्व करता है उसे अंकारा ‘आतंकवादी संगठन’ बताता है जबकि समूह इस बात पर जोर देता है कि वह एक शांतिपूर्ण संगठन है जो नरमपंथी इस्लाम को प्रोत्साहन देता है। पश्चिमी शहर इजमिर में जो लोग मुकदमे का सामना करेंगे उनपर सशस्त्र आतंकवादी समूह का सदस्य होने समेत कई आरोप हैं। तुर्की बार-बार अमेरिका से गुलेन का प्रत्यर्पण करने की मांग करता रहा है। गुलेन 1999 से ही निर्वासन में रह रहा है।

एजेंसी ने कहा कि संदिग्धों के खिलाफ जो अन्य आरोप हैं उसमें संसद को अपना काम करने से रोकने के साथ-साथ संवैधानिक आदेश को हटाने का प्रयास करना शामिल है। हुर्रियत समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार अगर संदिग्धों को मुकदमे में दोषी ठहराया जाता है तो आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। मुकदमे में दो महीने का वक्त लग सकता है।यह कहा गया कि इजमिर तख्तापलट की साजिश के मुख्य केंद्रों में से एक था जबकि एजियन सिटी का इस्तेमाल साजो-सामान के ठिकाने के तौर पर किया गया। मुकदमे के लिए एक विशेष अदालत कक्ष का निर्माण किया गया है और सुनवाई से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। कड़े सुरक्षा उपायों में अदालत के ऊपर एक ड्रोन, खोजी कुत्ते और कमांडो इकाई की तैनाती शामिल है।

पहले के मुकदमे इस्तांबुल और अन्य छोटे मामले अन्य प्रांतों में शुरू हुए हैं। यह माना जा रहा है कि देश के इतिहास में यह सबसे बड़ी कानूनी प्रक्रिया होगी। तख्तापलट का प्रयास विफल किए जाने के बाद लगाए गए आपातकाल में बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई के तहत मुकदमे से पहले करीब 43000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गत दिसंबर में इस्तांबुल में 29 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा शुरू हुआ। उनपर एर्दोगन का बचाव करने में विफल रहने का आरोप था, जबकि 62 विद्रोही सैनिकों के खिलाफ इन दावों को लेकर मुकदमा चल रहा है कि उन्होंने 15 जुलाई की रात को इस्तांबुल के सबीहा गोकसेन हवाई अड्डे पर कब्जा करने का प्रयास किया था।

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