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ISRO: भारत द्वारा एक साथ 104 सैटेलाइट लॉन्च करने से सन्न रह गये थे अमेरिकी खुफिया एजेंसी के प्रमुख

अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए सहित देश की सभी खुफिया एजेंसियों के प्रभारी पद की दौड़ में शीर्ष प्रत्याशी ने कहा कि वह यह पढ़कर ‘स्तब्ध’ रह गये थे कि भारत ने गत महीने एक बार में 100 से ज्यादा उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण किया।

Author वाशिंगटन | March 1, 2017 11:16 AM
पूर्व सांसद डान कोट्स ने राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी के निदेशक के पद पर पुष्टि के लिए अपनी पेशी के दौरान कल सांसदों से कहा, ‘‘मैं यह पढ़कर स्तब्ध हो गया था कि भारत ने एक रॉकेट पर 100 से ज्यादा उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित किया।’

अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए सहित देश की सभी खुफिया एजेंसियों के प्रभारी पद की दौड़ में शीर्ष प्रत्याशी ने कहा कि वह यह पढ़कर ‘स्तब्ध’ रह गये थे कि भारत ने गत महीने एक बार में 100 से ज्यादा उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण किया। पूर्व सांसद डान कोट्स ने राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी के निदेशक के पद पर पुष्टि के लिए अपनी पेशी के दौरान कल सांसदों से कहा, ‘‘मैं यह पढ़कर स्तब्ध हो गया था कि भारत ने एक रॉकेट पर 100 से ज्यादा उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित किया।’

उन्होंने कहा कि अमेरिका इससे पिछड़ते हुये दिखाई देने का खतरा मोल नहीं ले सकता। कोट्स ने कहा, ‘‘वे अलग-अलग कार्याें के साथ आकार में छोटे हो सकते हैं लेकिन एक रॉकेट इन्हें भेज सकता है, मुझे लगता है कि उसमें 104 प्लेटफार्म थे।’’ कोट्स के नाम की अगर संसद से पुष्टि हो जाती है तो वह सीआईए समेत अमेरिका की सभी बड़ी खुफियां एजेंसियों के प्रभारी होंगे। गौरतलब है कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन:इसरो: ने 15 फरवरी को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केन्द्र से एक रॉकेट पर रिकॉर्ड 104 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण किया था।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने हाल ही में एक साथ 104 उपग्रह प्रक्षेपित कर इतिहास रच दिया है और उसे दुनियाभर से बधाई संदेश मिल रहे हैं। लेकिन इस अभियान का एक नकारात्मक पहलू भी है, जो चिंता का विषय है। इस अभियान को लेकर भारत ने दुनियाभर में अंतरिक्ष कार्यक्रमों में अपना डंका पीटा है, लेकिन इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर ने इस पर कुछ चिंता प्रकट की है। नायर के कार्यकाल में ही इसरो ने चंद्रमा पर चंद्रयान मिशन लॉन्च किया था। नायर का मानना है कि इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के नवीनतम मिशन से अंतरिक्ष में उसके ही उपग्रहों को कुछ संभावित खतरे पैदा हो सकते हैं।

इसरो ने 15 फरवरी को विदेशी ग्राहकों के लिए एक रकम लेकर अंतरिक्ष में 100 से अधिक नैनो और माइक्रो उपग्रह छोड़े थे। इनमें से ‘डोव्स’ नामक 88 उपग्रह सैन फ्रांसिस्को की एक स्टार्ट-अप ‘प्लैनेट’ के हैं। इन सभी छोटे उपग्रहों को, जिनका आकार एक ब्रीफकेस से भी छोटा है, पीएसएलवी के जरिए एक सफल अभियान के तहत पृथ्वी से 506 किलोमीटर ऊपर एक ध्रुवीय कक्षा में स्थापित किया गया है। नायर ने इस संवाददाता से कहा, “मैं थोड़ा चिंतित हूं, क्योंकि जिस स्थान पर इन्हें स्थापित किया गया है, यह वही स्थान है, जहां हमारे भू-अवलोकन उपग्रह हैं या होंगे।”

 

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