ईरान युद्ध के 27वें दिन क्षेत्रीय और वैश्विक शक्तियों द्वारा संकट से निकलने के संभावित रास्ते तलाशे जा रहे हैं। किसी तरह सैन्य तनाव कम हो इसको लेकर कूटनीतिक संकेतों का नाजुक मिश्रण देखने को मिल रहा है। वहीं, इसी बीच गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से बड़ा बयान दिया।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि कि उनको ईरान से ‘गिफ्ट’ में तेल के टैंकर मिले। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत को लेकर अपनी गंभीरता दिखाने के लिए तोहफे के तौर पर होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिका के 10 तेल टैंकरों को गुजरने की अनुमति दी।

व्हाइट हाइस में कैबिनटे बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान ने पहले आठ बड़े ऑयल टैंकरों को गुजरने देने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि यह दिखाने के लिए कि वे गंभीर हैं, वे आठ बड़े तेल के जहाजों को जाने देंगे। उन्होंने बताया कि ये टैंकर कुछ दिन पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने लगे थे। ट्रंप ने कहा कि उन्हें इसकी पूरी जानकारी तब हुई जब उन्होंने इसे न्यूज में देखा। साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान इस रास्ते से टोल वसूल रहा है, जो नहीं होना चाहिए।

डोनाल्ड ट्रंप कहा कि न्यूज में उन्होंने देखा कि कुछ असामान्य हो रहा है और आठ बड़े टैंकर तेल से भरे हुए जलडमरूमध्य के बीच से गुजर रहे थे। इसके बाद उन्हें लगा कि ईरान अपनी बात पर कायम है। उन्होंने यह भी कहा कि ये टैंकर संभवतः पाकिस्तानी झंडे वाले थे।

ट्रंप ने आगे बताया कि बाद में ईरान की ओर से एक और कदम उठाया गया। ईरान ने अपनी बात के लिए माफी मांगी और दो और टैंकर भेजने की बात कही। इसके बाद कुल संख्या बढ़कर 10 टैंकर हो गई। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत से जोड़ा और कहा कि इससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका सही पक्षों से बातचीत कर रहा है।

वहीं, ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि ईरान को युद्ध ख़त्म करने के लिए समझौता करना चाहिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान बातचीत के लिए आगे नहीं आता है, तो अमेरिका उन्हें लगातार निशाना बनाता रहेगा। ट्रंप के इन बयानों से अमेरिका और ईरान के बीच चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर दोहराया कि ईरान समझौता करना चाहता है। वो पहले भी ऐसे दावे कर चुके हैं। हालांकि, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनका देश अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं कर रहा है।

बुधवार को ईरान ने अमेरिका के उस शांति प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया। जिसमें कथित तौर पर ईरान से अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने और बैलिस्टिक मिसाइलों को सीमित करने की मांग की गई थी।

कैबिनेट बैठक में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने पुष्टि करते हुए बताया कि अमेरिका ने ईरान के सामने 15 बिंदुओं वाला शांति प्रस्ताव रखा था। हालांकि उन्होंने इसके विवरण नहीं बताए। राष्ट्रपति ट्रंप ने न तो ईरान द्वारा इस प्रस्ताव को ख़ारिज करने का जिक्र किया और न ही मध्य-पूर्व में जमीनी सेना भेजने के अपने फैसले पर कुछ कहा।

उन्होंने केवल इतना कहा कि अब फैसला ईरान के हाथ में है और अगर वह युद्धविराम के लिए तैयार नहीं होता है, तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर वो ऐसा नहीं करते, तो हम उनके लिए सबसे बड़ा डरावना सपना बन जाएंगे। हम बिना किसी रोक-टोक के उन्हें लगातार निशाना बनाते रहेंगे।

ईरानी मिसाइल अटैक के बाद अबु धाबी में गिरा मलबा, एक भारतीय और पाकिस्तानी शख्स की मौत

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध भीषण होता जा रहा है। भले ही एक तरफ बातचीत की बातें हो रही हैं, तो दूसरी ओर दोनों ओर से हमले भी खतरनाक होते जा रहे हैं। इस युद्ध के दौरान अबू धाबी में ईरान की एक बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट किया गया। इसके मलबे के गिरने के चलते एक भारतीय नागरिक और एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर।