अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI को लेकर सरकारी भाषा में बड़ा बदलाव किया है। 29 सितंबर 2026 को ट्रंप ने एक सरकारी आदेश जारी किया। इसमें अमेरिकी सरकार के विभागों और एजेंसियों को, जहां कानून इसकी अनुमति देता है, ‘Artificial Intelligence’ और ‘AI’ की जगह ‘Super Intelligence’ और ‘SI’ शब्द इस्तेमाल करने को कहा गया है।
यह बदलाव अमेरिकी संघीय सरकार के कामकाज तक सीमित है। सरकारी पत्रों, वेबसाइटों, रिपोर्टों, नीतियों और दूसरे सरकारी दस्तावेजों में आगे से नए शब्दों का इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि अमेरिका में AI से जुड़े सभी कानून और पुराने दस्तावेज तुरंत बदल जाएंगे।
सरकारी आदेश में साफ कहा गया है कि पहले से बने कानून, नियम, राष्ट्रपति के पुराने आदेश, सरकारी ठेके, अनुदान और पुराने ऐतिहासिक दस्तावेज बदलना जरूरी नहीं होगा। यानी अभी मुख्य बदलाव सरकार द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा में है। पुराने दस्तावेजों पर यह बदलाव पीछे की तारीख से लागू नहीं होगा।
‘सुपर इंटेलिजेंस’ की अलग कानूनी परिभाषा अभी नहीं
फिलहाल ‘सुपर इंटेलिजेंस’ के लिए कोई अलग कानूनी परिभाषा तय नहीं की गई है। सरकारी आदेश के अनुसार, जब तक कानून में कुछ और तय नहीं होता, ‘सुपर इंटेलिजेंस’ और ‘SI’ का मतलब वही तकनीकें होंगी जिन्हें अमेरिकी कानून में अभी ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ के तहत माना जाता है। ट्रंप ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी मामलों के अपने सहायक को 60 दिनों के भीतर नई कानूनी परिभाषा का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है।
इस प्रस्ताव में यह बताया जाएगा कि:
- ‘सुपर इंटेलिजेंस’ की कानूनी परिभाषा क्या हो।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मौजूदा परिभाषा में क्या बदलाव किए जाएं।
- अमेरिकी कानूनों में किन बदलावों की जरूरत है।
हालांकि, कानून में अंतिम बदलाव करने का अधिकार अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के पास ही रहेगा। व्हाइट हाउस का कहना है कि आज की अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता उस समय की तकनीक से बहुत आगे निकल चुकी है, जब करीब 70 साल पहले ‘Artificial Intelligence’ शब्द इस्तेमाल होना शुरू हुआ था।
अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि आज की उन्नत AI प्रणालियां केवल इंसानों की बुद्धि की नकल नहीं कर रही हैं। वे इंसानों की क्षमताओं को बढ़ाने और विज्ञान, चिकित्सा तथा दूसरे क्षेत्रों में नए काम करने में भी मदद कर रही हैं।
इसी वजह से ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ‘Super Intelligence’ शब्द आज की तकनीकी स्थिति को बेहतर तरीके से बताता है। ट्रंप ने भी इस बदलाव को बहुत बड़ा बताया है। उन्होंने कहा है कि इस तकनीक का असर इंटरनेट से भी बड़ा हो सकता है।
बड़ी तकनीकी कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात के बाद आया फैसला
यह आदेश ऐसे समय आया है जब ट्रंप प्रशासन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास, उसकी सुरक्षा और इस क्षेत्र में अमेरिका की बढ़त पर जोर दे रहा है। आदेश जारी होने से पहले व्हाइट हाउस में बड़ी तकनीकी कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक हुई थी। इसमें एलन मस्क, मार्क जुकरबर्ग, सुंदर पिचाई, जेन्सेन हुआंग और दूसरे प्रमुख लोग शामिल हुए थे।
बैठक में AI की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। कंपनियों ने अपने AI सिस्टम की निगरानी, आंतरिक नियंत्रण और बाहर के विशेषज्ञों से जांच कराने जैसे कदम उठाने की बात कही। यह कोई कानूनी रूप से बाध्यकारी कानून नहीं है, बल्कि कंपनियों की स्वैच्छिक सहमति है।
‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द का इस्तेमाल पहले भी शुरू हो चुका था
AI की जगह ‘Super Intelligence’ शब्द इस्तेमाल करने की बात 29 सितंबर के आदेश से कुछ दिन पहले ही सामने आने लगी थी। 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका आगे से AI को ‘Super Intelligence’ के नाम से संबोधित करेगा। इसके बाद अमेरिकी विदेश विभाग के कुछ हिस्सों में भी सरकारी संचार में इस नए शब्द का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए थे।
इसलिए 29 सितंबर का आदेश इस बदलाव को अमेरिकी संघीय सरकार के स्तर पर औपचारिक रूप देने वाला कदम है। हालांकि, दुनिया भर में AI का वैज्ञानिक या तकनीकी नाम नहीं बदला है। अमेरिका के बाहर सरकारें, कंपनियां और शोध संस्थान अभी भी ‘Artificial Intelligence’ और ‘AI’ शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
क्या अब AI खत्म हो गया?
नहीं। इस आदेश का मतलब यह नहीं है कि AI नाम की तकनीक खत्म हो गई है या इससे जुड़े सभी अमेरिकी कानून बदल गए हैं। फिलहाल बदलाव मुख्य रूप से अमेरिकी संघीय सरकार की आधिकारिक भाषा में हुआ है।
मौजूदा कानूनों में AI की जो परिभाषा है, वही फिलहाल ‘Super Intelligence’ के लिए इस्तेमाल की जाएगी। आगे सरकार नई कानूनी परिभाषा का प्रस्ताव तैयार करेगी।
इसलिए अभी इसे मुख्य रूप से नाम और सरकारी शब्दावली में बदलाव के रूप में समझना चाहिए। अमेरिकी कानूनों में व्यापक बदलाव के लिए आगे कांग्रेस की कार्रवाई और नई कानूनी परिभाषा महत्वपूर्ण होगी।
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