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ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबट ने विश्वास मत हासिल किया

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबट ने सत्ता में आने के 17 महीने बाद अपने नेतृत्व पर विश्वास मत हासिल कर लिया और कहा कि प्रस्ताव के दौरान ऐसा लगा जैसे कि उनकी सांस रुक गई थी। पार्टी कक्ष में लिबरल सांसदों की बैठक के दौरान एबट ने सरकार के कामकाज के तौर तरीकों में बदलाव […]
Author February 9, 2015 15:59 pm
(फ़ोटो-रॉयटर्स)

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबट ने सत्ता में आने के 17 महीने बाद अपने नेतृत्व पर विश्वास मत हासिल कर लिया और कहा कि प्रस्ताव के दौरान ऐसा लगा जैसे कि उनकी सांस रुक गई थी।

पार्टी कक्ष में लिबरल सांसदों की बैठक के दौरान एबट ने सरकार के कामकाज के तौर तरीकों में बदलाव का वादा किया और अपने सहयोगियों से सरकार को नये सिरे से तैयार करने के लिए छह महीने का समय देने का आग्रह किया।

एबट ने कहा कि नेतृत्व के विषय पर आज के विश्वास प्रस्ताव को वह चेतावनी के तौर पर लेते हैं। विश्वास मत 39 के मुकाबले 61 मतों से गिर गया।

ऑस्ट्रेलियाई ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन के अनुसार, एक सांसद ने अनौपचारिक मत दिया और बैलेट पेपर पर केवल ‘पास’ लिखा। एबीसी ने लिबरल सांसदों के हवाले से कहा कि एवट उस समय स्तब्ध दिखे जब उन्हें संख्या के बारे में बताया गया।

एबट ने अपनी टीम के सदस्यों से उनपर विश्वास रखने को कहा और बताया कि उनकी लड़ाई लेबर पार्टी से है, लिबरल पार्टी से नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘लिबरल पार्टी ने प्रस्ताव से निपट लिया है और अब यह मामला अतीत की बात हो गई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम पूरी तरह से आपके लिए, जिन लोगों ने हमें चुना है, उनके लिए काम करने को प्रतिबद्ध हैं।’’

एबट ने कहा, ‘‘हम अनबन और अनिश्चितता को समाप्त करना चाहते हैं जिसने दो लेबर सरकारों को ध्वस्त किया और आपको एक अच्छी सरकार देना चाहते हैं जिसके आप हकदार हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम सोचते हैं कि जब आप एक सरकार चुनते हैं, जब आप एक प्रधानमंत्री चुनते हैं, आप तब तक सरकार और प्रधानमंत्री को बनाये रखने के हकदार हैं जब तक आपके मस्तिष्क में बदलाव की बात नहीं आती।’’

मीडिया से बात करते हुए एबट ने कहा कि पश्चिम ऑस्ट्रेलिया के दो प्रतिनिधियों ने प्रस्ताव पेश किया जो अपने आप में सबक सिखाने वाला अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि अक्सर ऐसा नहीं होता जैसा कि 16 या 17 महीने में सरकार के जीवनकाल में हुआ।

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