अमेरिकी सेना ने कहा है कि ईरान की ओर से किए गए हमले के दौरान कुवैत ने तीन अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल विमानों को गलती से मार गिराया। अमेरिकी सेना ने कहा है कि ये तीनों विमान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के समर्थन में उड़ान भर रहे थे और यह घटना ‘फ्रेंडली फायर’ के चलते हुई है।
दूसरी ओर, ईरानी मीडिया की ओर से दावा किया गया है कि ईरान के सशस्त्र बलों ने अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया और पिछले 27 सालों में किसी अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराने की यह पहली घटना है।
ईरान के खातम अल-अनबिया एयर डिफेंस बेस ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा, “देश पर हमला करने के इरादे से घुसपैठ करने वाली अमेरिकी सेना से संबंधित एक एफ-15 लड़ाकू विमान को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की वायु रक्षा ने निशाना बनाया और मार गिराया।”
बयान में आगे कहा गया है कि विमान का मलबा कुवैत की धरती पर गिरा है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने इस घटना की पुष्टि की और इसकी वीडियो फुटेज सोशल मीडिया में वायरल हुई है। 27 साल पहले कोसोवो युद्ध के दौरान पूर्व यूगोस्लाविया द्वारा एक अमेरिकी एफ-117 लड़ाकू विमान को मार गिराया गया था।
अमेरिकी सेना की केंद्रीय कमान ने कहा, ”कुवैती वायु रक्षा प्रणाली ने गलती से अमेरिकी वायु सेना के लड़ाकू विमानों को मार गिराया। चालक दल के सभी छह सदस्य सुरक्षित रूप से कूद गए, उन्हें बचा लिया गया है और उनकी हालत स्थिर है। कुवैत ने इस गलती को स्वीकार कर लिया है और हम कुवैती रक्षा बलों के प्रयासों और इस अभियान में समर्थन के लिए उनके आभारी हैं।”
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई में ईरान में अब तक कम से कम 555 लोग मारे जा चुके हैं और देश भर के 130 से अधिक शहर हमलों की चपेट में आ चुके हैं। इजरायल के अफसरों के अनुसार, उनके देश में 11 लोग मारे गए हैं।
ईरान में आसान नहीं सत्ता परिवर्तन की राह
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