सिंगापुर के पूर्व राजनयिक बिलाहरी कौसिकन ने इंटरनेशनल रिपोर्टिंग फेलोशिप कार्यक्रम में पाकिस्तान को जमकर लताड़ा। दरअसल, एक पाकिस्तानी पत्रकार ने ईरान-इजरायल युद्ध में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सवाल पूछा। उसने यह भी पूछा कि अगले पांच सालों में वह पाकिस्तान को कहां खड़ा देखते हैं। सवाल के जवाब में पाकिस्तान को उम्मीद थी कि सिंगापुर के पूर्व राजनयिक उनके देश की तारीफ करेंगे, लेकिन हुआ बिल्कुल उल्टा।
बिलाहरी कौसिकन ने पाकिस्तान की सच्चाई दुनिया के सामने रख दी। उन्होंने कहा कि भले ही पाकिस्तान ने ईरान-इजरायल युद्ध के दौरान कुछ सक्रियता दिखाई हो, लेकिन इससे पाकिस्तान की जनता का पेट नहीं भरने वाला। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान समय रहते अपनी समस्याओं को ठीक नहीं करेगा तो एक देश के तौर पर उसे हमेशा नाकाम होने की कगार पर ही देखा जाएगा।
पाकिस्तान को खरी-खरी
पाकिस्तान के परमाणु शक्ति होने पर भी बिलाहरी कौसिकन ने अपनी राय रखी। उनके मुताबिक, दूसरे देशों को पाकिस्तान की चिंता सिर्फ इसलिए होती है क्योंकि उसके पास परमाणु हथियार हैं। अगर पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार नहीं होते, तो आज दुनिया को इस देश की उतनी परवाह भी नहीं होती।
बिलाहरी कौसिकन यहीं नहीं रुके। उन्होंने उस सवाल का भी जवाब दिया, जिसमें कहा गया कि पाकिस्तान भारत और अफगानिस्तान की सीमा से लगा हुआ है, इसलिए उसे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस पर उन्होंने दो-टूक कहा कि पाकिस्तान की सबसे बड़ी परेशानी भारत या अफगानिस्तान नहीं, बल्कि उसके अपने नेता और उसकी अपनी नीतियां हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में कुछ समय के लिए हालात बेहतर दिखाई दे सकते हैं, लेकिन इससे आम जनता का पेट नहीं भरने वाला।
पाकिस्तान पर उठा दिए सवाल
उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान अपनी हर समस्या के लिए सिर्फ अपनी भौगोलिक स्थिति को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकता। ऐसा करके वह शुरुआत से ही अपनी जिम्मेदारियों से बचता रहा है। उनका कहना था कि पाकिस्तान का शासन और प्रबंधन शुरू से ही कमजोर रहा है और फिलहाल भी कोई ठोस समाधान नजर नहीं आता। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे नेता हों या सेना, अगर नीतियां नहीं बदलेंगी तो समय और संसाधनों की बर्बादी ही होगी।
सोशल मीडिया पर पाकिस्तान को लगी इस फटकार का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह पहली बार नहीं है, जब पाकिस्तान को किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह की आलोचना और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा हो।
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