this is the reasons that one should quit non veg, read details - Jansatta
ताज़ा खबर
 

मांसाहार से बचना है तो जानवरों के बच्‍चों की तस्‍वीरें देख‍िए!

पशुओं के बच्चों की तस्वीरें देखने से लोगों की मांसाहार खाने की इच्छा कम होती है। एक नए अध्ययन में यह पाया गया है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं पर ऐसी तस्वीरों का असर ज्यादा होता है।

Author लंदन | August 6, 2018 6:11 PM
देखेंगे जानवरों के बच्चों की तस्वीर तो नहीं खाना भूल जाएंगे नॉनवेज

पशुओं के बच्चों की तस्वीरें देखने से लोगों की मांसाहार खाने की इच्छा कम होती है। एक नए अध्ययन में यह पाया गया है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं पर ऐसी तस्वीरों का असर ज्यादा होता है। पशु अधिकार समूह अक्सर मेमनों और बछड़ों की तस्वीरों का इस्तेमाल करते हैं लेकिन इस बात के ज्यादा सबूत नहीं थे कि उनके अभियान पर इनका क्या असर पड़ता है। ब्रिटेन में लंकास्टर विश्वविद्यालय और यूनिर्विसटी कॉलेज लंदन के मनोचिकित्सकों ने महिलाओं तथा पुरुषों को बछड़ों, कंगारूओं के बच्चों, सूअर के बच्चों और मेमनों की तस्वीरें दिखाई और यह जांच की कि क्या इससे मांस खाने की उनकी इच्छा पर कोई असर पड़ा। शोधकर्ताओं ने कहा, ‘‘हमने पाया कि पुरुषों और महिलाओं दोनों को पशुओं के बच्चे बहुत प्यारे लगे और उनमें बच्चों के प्रति स्रेह का भाव आया।

हालांकि पुरुषों और महिलाओं में ये सकारात्मक भावनाएं अलग-अलग तरह से आई। महिलाओं के मुकाबले पुरुषों की मांसाहार की इच्छा पर कम असर पड़ा। लंकास्टर विश्वविद्यालय की जारेड पियाजा ने बताया कि ऐसा इसलिए हो सकता है कि आज भी महिलाओं की भूमिका देखरेख करने वाली की होती है। उन्होंने बताया कि शोध में पता चला कि महिलाओं का बच्चों के प्रति भावनात्मक लगाव ज्यादा होता है और उनमें पशुओं के बच्चों के प्रति सहानुभूति पैदा हो जाती है। ऐसे में जानवरों का मास खाने से पहले वह भी यही सोचते हैं कि वह भी किसी का बच्चा है और वह किसी मां है। ऐसे में उनके अंदर मांस खाने की ललक नहीं रह जाती और ममता जाग जाती है। आखिरकार मासूम जानवर भी  किसी के बच्चे हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App