ट्रंप प्रशासन ने IT प्रोफेशनल्स को दिया झटका, एच-1बी वीजा पाना हुआ और मुश्किल - The Expansion of H-1B Visa Made More Difficult by Trump Administration - Jansatta
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ट्रंप प्रशासन ने IT प्रोफेशनल्स को दिया झटका, एच-1बी वीजा पाना हुआ और मुश्किल

13 साल से अधिक पुरानी नीति को निष्प्रभावी करते हुए अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा ने कहा कि योग्यता साबित करने के लिए साक्ष्य प्रर्दिशत करने का बोझ हर समय याचिकाकर्ता पर होगा।

Author वाशिंगटन | October 25, 2017 8:16 PM
ये वीजा भारतीय आईटी पेशेवरों के बीच लोकप्रिय हैं।

ट्रंप प्रशासन ने एक नया दिशानिर्देश जारी करके एच-1बी और एल1 जैसे गैर-अप्रवासी वीजाओं के नवीनीकरण को और मुश्किल कर दिया है और कहा है कि वीजा अवधि बढ़ाने की मांग करते समय भी साक्ष्य दिखाने की जिम्मेदारी आवेदक की होगी। ये वीजा भारतीय आईटी पेशेवरों के बीच लोकप्रिय हैं। अपनी 13 साल से अधिक पुरानी नीति को निष्प्रभावी करते हुए अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने कहा कि योग्यता साबित करने के लिए साक्ष्य प्रर्दिशत करने का बोझ हर समय याचिकाकर्ता पर होगा।

यूएससीआईएस ने कहा कि 23 अप्रैल, 2004 के पिछले नियम में यह बोझ फेडरल एजेंसी पर पड़ता दिखता था। एजेंसी ने 23 अक्तूबर को जारी अपने ताजा ज्ञापन में कहा, ‘‘यह ज्ञापन स्पष्ट करता है कि साक्ष्य प्रर्दिशत करने की जिम्मेदारी याचिकाकर्ता की है, भले ही गैर-अप्रवासी के दर्जे के विस्तार की मांग की गई हो।’’ पिछली नीति के तहत अगर कोई व्यक्ति शुरूआत में कामकाजी वीजा के लिए पात्र पाया जाता है तो उसके वीजा के विस्तार के लिए सामान्य तौर पर विचार किया जाएगा।

अब नई नीति के तहत हर बार विस्तार के दौरान उन्हें संघीय अधिकारियों के सामने प्रमाणित करना होगा कि वे अब भी उस वीजा के लिए पात्र हैं जिसके लिए उन्होंने आवेदन किया है। अमेरिकन इमिग्रेशन लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विलियम स्टॉक ने कहा कि यह बदलाव पहले से इस देश में रह रहे लोगों पर भी पूर्वगामी प्रभाव से लागू होगा और केवल नए वीजा आवेदकों के लिए नहीं है। नंबरयूएसए नाम की वेबसाइट में कहा गया है कि नई नीति अमेरिकी कर्मचारियों को भेदभाव से बचाने के ट्रंप प्रशासन के उद्देश्य के अनुरूप है। उसने कहा कि इस नई नीति के तहत केवल योग्य एच-1बी र्किमयों को अमेरिका में रहने की इजाजत होगी और इससे वीजा धोखाधड़ी और दुरुपयोग कम होगा।

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