ताज़ा खबर
 

जिहादियों ने रमजान के दौरान दुनियाभर में मचाई दहशतगर्दी, इस्लामी देशों से लेकर यूरोप तक ISIS ने किए हमले

पवित्र रमजान महीने में आइएस के आतंकियों ने न सिर्फ इस्लामी मुल्कों में हमले किए बल्कि पश्चिमी यूरोपीय देशों में कहर बरपाकर बहुत से बेकसूरों की जान ले ली।

Author लंदन | June 13, 2017 01:27 am
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

इराक और सीरिया में अपने मजबूत किले दरकने के साथ ही इस्लामिक स्टेट (आइएस) ने दुनिया के कई देशों में आतंकी हमले बढ़ा दिए हैं। पवित्र रमजान महीने में आइएस के आतंकियों ने न सिर्फ इस्लामी मुल्कों में हमले किए बल्कि पश्चिमी यूरोपीय देशों में कहर बरपाकर बहुत से बेकसूरों की जान ले ली। इसके अलावा अन्य आतंकी संगठनों ने भी इस्लामी देशों में इस महीने हमले किए। 26 मई से रमजान के शुरू हुए माह के साथ इस आतंकी संगठनों ने पश्चिम में ताबड़तोड़ हमले किए। इनमें आइएस ने फिलीपींस और शिया शक्ति के गढ़ ईरान को भी निशाना बनाया। यह ऐसा दुस्साहस था जिसे कभी अल कायदा ने भी नहीं किया। एक वेबसाइट ब्रिटबर्ट के मुताबिक अभी रमजान के पखबाड़े भर हुए हैं और इस दौरान दुनिया भर में जिहादों गुटों ने 70 हमले किए। इनमें 21 मुस्लिम बहुल देशों में किए गए। इन हमलों में 1,003 लोगों की मौत हो गई जबकि 1,036 लोग जख्मी हो गए। वेबसाइट का कहना है कि 2016 में इसी अवधि में रमजान में 421 लोगों को मौत के घाट उतारा गया था जबकि 729 लोगों घायल हुए थे। 8 जून को संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि आइएस ने 26 मई से 3 जून के बीच मोसुल से भागने को कोशिश कर रहे लोगों में 231 को मार डाला। यह जगह इस आतंकी गुट का मजबूत किला मानी जाती थी। अब यहां स्थानीय फौज ने अमेरिका की मदद से यहां घेराबंदी कर रखी है।

जानकारों ने आइएस के हमलों की संख्या बढ़ने को भले ही उसकी इराक और सीरिया में हार को बताया हो लेकिन आइएस ने एक बयान में कहा है कि ब्रिटेन और यूरोप में हमलों का मध्य-पूर्व में इलाके गंवाने से कोई संबंध नहीं है। आइएस का कहना है कि वह भविष्य में अपनी गंवाई हर इंच जमीन बाकी पेज 8 पर दोबारा हासिल कर लेगा। वेबसाइट के मुताबिक 2016 में रमजान माह में जिहादी गुटों के हाथों दुनिया के कुछ मुल्कों में 1,150 लोग हताहत हुए थे। देखा जाए तो इस साल आइएस, तालिबान और अल कायदा ने (रमजान के 14 दिनों को मिलाकर) 2,039 लोगों को मौत के घाट उतार दिया है। 2016 में मारे गए लोगों में महिलाएं, बच्चे और अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय के सदस्य भी थे। इस साल भी ऐसा ही हो रहा है। इराक, सीरिया, लीबिया और अफगानिस्तान में चल रहे संघर्ष के हताहतों की संख्या यदि जोड़ी जाए तो यह और भयावह हो जाएगी।

कुछ बड़े हमले

ईरान: इस शिया बहुल देश में आइएस ने हमला कर चौंका दिया। पांच आतंकियों ने देश की संसद और इस्लामी गणराज्य के संस्थापक अयातुल्लाह रुहेल्ला खोमैनी के मकबरे पर हमला कर 17 लोगों को मार डाला। आइएस का यह दुस्साहस शायद मोसुल और रक्का के गढ़ ढहने से आइएस समर्थकों में उपजी हताशा को दूर करन के लिए किया गया था।
लंदन ब्रिज: चाकू लिए तीन व्यक्तियों ने 3 जून को लंदन ब्रिज में शाम को जुटी भीड़ पर हमला किया और आठ लोगों की जान ले ली। आइएस आतंकियों ने तीन माह में ब्रिटेन में यह तीसरा हमला किया।
मिस्री ईसाई: 26 मई को दक्षिणी काहिरा में नकाबधारी बंदूकधारियों ने ईसाइयों पर हमला किया और रमजान की पूर्व संध्या पर 29 लोगों को मार डाला।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App