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काबुल में भारतीय मिशन के बाहर तीन आतंकी मारे

अफगानिस्तान के मजार ए शरीफ शहर में स्थित भारतीय राजनयिक मिशन में घुसने की कोशिश कर रहे आतंकवादियों के साथ पिछले कई घंटों से चल रही लड़ाई में सुरक्षा बलों ने तीन चरमपंथियों को मार गिराया है..

मजा-ए-शरीफ स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर तैनात अफगान सेना।

अफगानिस्तान के मजार ए शरीफ शहर में स्थित भारतीय राजनयिक मिशन में घुसने की कोशिश कर रहे आतंकवादियों के साथ पिछले कई घंटों से चल रही लड़ाई में सुरक्षा बलों ने तीन चरमपंथियों को मार गिराया है। अफगान राष्ट्रीय पुलिस की विशेष युद्धक इकाइयों ने भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर से तीन शव बरामद किए हैं। इस बीच अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात कर उन्हें इस हमले के बारे में जानकारी दी।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि अफगान राष्ट्रीय पुलिस की विशेष युद्धक इकाइयों ने भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर से तीन शव बरामद किए हैं। सुरक्षा बल ने उन दो-तीन आतंकवादियों पर काबू करने के लिए अभियान शुरू किया है जो भारतीय मिशन से करीब सौ मीटर की दूरी पर स्थित एक पांच मंजिला भवन में मौजूद हैं। सूत्रों ने कहा कि अफगान सुरक्षा बलों के सैन्य हेलिकॉप्टरों ने भवन के ऊपर कमांडो उतारे हैं। लड़ाई आखिरी दौर की ओर बढ़ रही है।

अधिकारियों ने कहा कि भारतीय वाणिज्य दूतावास पर शनिवार देर रात करीब 9:15 बजे दो आतंकवादियों ने धावा बोलने का प्रयास किया। लेकिन वहां तैनात आइटीबीपी के जवानों ने गोलीबारी करते हुए उनकी कोशिश को नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा कि वाणिज्य दूतावास की दिशा में सात रॉकेट ग्रेनेड दागे गए, लेकिन सभी निशाने से चूक गए। उन्होंने कहा कि दोनों ओर से भीषण गोलीबारी हुई और आइटीबीपी के गोलीबारी करने के कुछ देर बाद अफगान पुलिस बल ने भी मोर्चा संभाला। रॉकेट से गोला दागना और गोलीबारी अभी जारी है। उन्होंने कहा कि पांच मंजिला भवन और गुलाबी रंग वाली वाणिज्य दूतावास की इमारत को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। अफगान सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है।

आइटीबीपी के महानिदेशक कृष्ण चौधरी ने दिल्ली में कहा कि सुरक्षा बलों ने मिशन के इलाके को प्रभावी ढंग से सुरक्षित करा लिया है और अफगान सुरक्षा अधिकारियों की ओर से आखिरी स्थिति के बारे में जानकारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा- मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि हमारे लोगों के हौसले बुलंद हंै। रविवार रात हमला शुरू होने के बाद मैंने उनसे बात की और मैं उनसे लगातार संपर्क में हूं।

इस अभियान से संबंधित अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बलों और आइटीबीपी के लोगों ने शनिवार रात दो शव को ले जाते देखा। ऐसे में अंदेशा है कि करीब 5-6 आतंकवादी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अफगान सुरक्षा बल इमारत की हर मंजिल की तलाशी ले रहे हैं जहां आतंकवादी छिपे हुए थे। अब तक किसी भी गुट ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला पंजाब के पठानकोट मेंं वायुसैनिक अड्डे पर हमले के एक दिन बाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगानिस्तान दौरे के कुछ दिनों बाद हुआ है। मोदी 25 दिसंबर को संक्षिप्त प्रवास पर काबुल गए थे। वहां उन्होंने भारत की ओर से नौ करोड़ डॉलर की लागत से निर्मित अफगान संसद की नई इमारत का उद्घाटन किया था।

इस बीच अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात कर उन्हें मजार-ए-शरीफ में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हुए आतंकी हमले के बारे में जानकारी दी। इस दौरान मोदी ने कहा कि भारत इस हमले के बावजूद हमेशा अफगानिस्तान की जनता के साथ खड़ा रहेगा।

प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के मुताबिक टेलीफोन पर बातचीत में गनी ने पठानकोट में सीमापार से हुए आतंकी हमले की भी पुरजोर निंदा की और मारे गए जवानों की शहादत पर संवेदना प्रकट की। बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने मजार-ए-शरीफ में हुए आतंकवादी हमले को नाकाम करने में और वहां भारतीय वाणिज्य दूतावास व उसके कर्मचारियों की सुरक्षा करने में अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बलों के उत्कृष्ट साहस और बहादुरी की प्रशंसा की। अफगान राष्ट्रपति ने भारत में भूकंप से हुए जान-माल के नुकसान से निपटने में समर्थन जताया। प्रधानमंत्री ने सीमा पार आतंकवादी हमलों और भूकंप की स्थिति में समर्थन के राष्ट्रपति गनी के संदेश के लिए उनका आभार जताया।

  • अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को हमले की जानकारी दी
  • एक पांच मंजिला भवन में छिपे हुए हैं कुछ आतंकी, अभियान जारी

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