तालिबान ने हक्कानी को दिया सुरक्षा का जिम्मा, जानें कितना ताकतवर है यह नेटवर्क

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हक्कानी नेटवर्क को पाकिस्तान से ही ऑपरेट किया जाता है। पाकिस्तान के वजीरिस्तान में इसके कैंप भी है जहां इसके लड़ाकों को ट्रेनिंग दी जाती है।

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हक्कानी नेटवर्क का नेता जलालुद्दीन हक्कानी, जो 2018 में मारा गया (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद यह माना जा रहा है कि सुरक्षा की जिम्मेदारी हक्कानी नेटवर्क के हाथों में होगी। हक्कानी नेटवर्क की स्थापना जलालुद्दीन हक्कानी ने की थी। इसे तालिबान का सैन्य नेटवर्क भी माना जाता है। इसकी स्थापना साल 1980 के दशक में हुई थी।

साल 1996 में जलालुद्दीन हक्कानी तालिबान के साथ आ गया था। बाद के दिनों में उसे तालिबान की पिछली सरकार में मंत्री भी बनाया गया था। हक्कानी नेटवर्क को अमेरिका ने विदेशी चरमपंथी संगठन का दर्जा दिया है। संयुक्त राष्ट्र की तरफ से भी यह प्रतिबंधित रहा है। हक्कानी नेटवर्क को वित्तीय रूप से काफी मजबूत माना जाता है। इसे तालिबान के भीतर भी अर्ध-स्वायत्त ही माना जाता है।

पाकिस्तान में मिली है ट्रेनिंग: मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हक्कानी नेटवर्क को पाकिस्तान से ही ऑपरेट किया जाता है। पाकिस्तान के वजीरिस्तान में इसके कैंप भी है जहां इसके लड़ाकों को ट्रेनिंग दी जाती है। अफगानिस्तान में हक्कानी नेटवर्क की मजबूती पाकिस्तान की सफलता के रूप में देखी जा रही है। हक्कानी नेटवर्क का अल-कायदा के साथ भी मजबूत रिश्ता रहा था। इस संगठन के ऊपर अफगानिस्तान में कई घातक आतंकी हमले करने के भी आरोप हैं।

इधर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने शुक्रवार को कहा था कि अमेरिका अफगानिस्तान में आतंकवाद निरोधी अभियान पर पैनी नजर बनाकर रखेगा। उन्होंने तालिबान को चेतावनी दी थी कि काबुल हवाईअड्डे पर उसके अभियानों में कोई गड़बड़ी की गई या अमेरिकी बलों पर हमला हुआ तो उसे इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।

व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन में बाइडन ने कहा, ‘‘हमने तालिबान के समक्ष यह स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी हमला, हमारे बलों पर हमला, हवाईअड्डे पर हमारे अभियानों में गड़बड़ी का तेजी से एवं शक्तिशाली तरीके से जवाब दिया जाएगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘हवाईअड्डे और उसके इर्दगिर्द किसी भी संभावित आतंकवादी हमले, अफगानिस्तान में आईएसआईएस से संबंधित संगठनों से खतरे पर हम करीब से नजर रख रहे हैं। जैसा कि मैंने कहा, हम हमारे आतंकवाद निरोधी मिशन पर पैनी नजर बनाकर रखेंगे, हमारे सहयोगियों और साझेदारों और उन सभी के साथ मिलकर काम करेंगे जिनकी क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में दिलचस्पी है।’’

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