अफगानिस्तानः पिटाई के बाद पत्रकार ने बताया, किस बात से डरते हैं तालिबानी, बयां की दर्दनाक आपबीती

अफगानिस्तान के पत्रकार ने बताया कि तालिबानियों ने पिटाई के बाद उन्हें धमकी दी है कि अगर दोबारा ऐसे प्रदर्शन को कवर करेंगे तो दोबारा छोड़ा नहीं जाएगा।

काबुल में तालिबान-पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन करतीं महिलाएं। फोटो- UNI

अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार का ऐलान कर दिया गया है। तालिबानी प्रवक्ता पहले समावेशी सरकार बनाने का दावा कर रहे थे लेकिन अब हकीकत सामने आ रही है। तालिबानियों ने महिलाओं को लेकर भी अपनी सोच फिर दुनिया के सामने रख दी है। दूसरी तरफ उन्हें विरोध प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं हो रहे। नई अंतरिम सरकार की तरफ से न केवल प्रदर्शनों को लेकर शासनादेश जारी कर दिया है बल्कि जुलूस को कवर करने वाले पत्रकारों के साथ हिंसा भी शुरू हो गई है।

तालिबान द्वारा दो पत्रकारों की पिटाई के बाद सामने आई तस्वीरों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनके साथ किस तरह का सलूक किया गया। उनकी ‘गलती’ सिर्फ यह थी कि वे महिलाओं के प्रदर्शन को कवर कर रहे थे। तालिबान की ज्यादती का शिकार हुए पत्रकारों में ये केवल दो ही नहीं हैं बल्कि कई अन्य पत्रकारों को भी हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया गया। इनमें से ही एक अफगानी पत्रकार ने एनडीटीवी से अपनी आपबीती बयां की।

पत्रकार एतिलातरोज ने एनडीटीवी को बताया कि उनके दो साथियों को तालिबानियों ने पकड़ लिया और उन्हें पुलिस स्टेशन लेकर गए। उन्होंने कहा, ‘हम कई पत्रकार थे जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। हमें दूसरे कमरे में रखा गया था और कई बार पिटाई की गई। वे केबल से मारते थे। हम इतना घायल हो गए थे कि खुद से ऑफिस नहीं जा सकते थे। तीन-चार घंटे बाद हमें छोड़ दिया गया और फिर हम किसी तरह ऑफिस पहुंचे।’

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पत्रकार ने कहा, ‘हमें धमकी देकर छोड़ा गया कि अगर अगली बार ऐसे प्रदर्शनों को कवर किया तो हमेशा के लिए कैद कर लिया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि पत्रकारों की इतनी पिटाई की गई कि उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘वे नहीं चाहते हैं कि लोगों को सही स्थिति का पता चले। वे विरोध प्रदर्शनों से डरते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि अगर पत्रकार आंदोलन को कवर करेंगे तो और भी लोग इससे जुड़ेंगे।’

उन्होंने कहा, हमें इसी बात की चिंता है कि हम अपना काम कैसे करेंगे। क्योंकि तालिबान खुद में संगठित नहीं है। उसके प्रवक्ता कुछ और कहते हैं और किया कुछ और जाता है।

प्रदर्शन को लेकर तालिबान का तानाशाही फरमान
नई तालिबान सरकार के आंतरिक(गृह) मंत्रालय ने अफगानिस्तान में कई दिनों से जारी प्रदर्शनों को समाप्त कराने के लिए शासनादेश जारी किया है। आंतरिक मंत्री ने देश में सभी तरह के प्रदर्शनों को समाप्त कराने के लिए यह आदेश जारी किया है जिसके तहत प्रदर्शनकारियों को किसी भी तरह का प्रदर्शन करने के लिए पहले से अनुमति लेनी होगी। इसके अनुसार उन्हें प्रदर्शन में लगने वाले नारों और बैनरों के लिए भी पहले ही मंजूरी लेनी होगी। इस बात की संभावना बहुत कम है कि देश के कट्टरपंथी इस्लामी शासकों से अपने अधिकारों की मांग को लेकर लगभग रोजाना हो रहे प्रदर्शनों की अगुआई कर रही महिलाओं को नये नियमों के तहत प्रदर्शन करने की इजाजत होगी।

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