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ताइवान को चीन के कब्जे से बचाएंगी देश की पहली महिला राष्ट्रपति

साई इंग-वेन ताइवान की पहली महिला राष्ट्रपति बन गई हैं। साई ने राजधानी ताइपेई स्थित राष्ट्रपति कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज और चीनी गणतंत्र के संस्थापक सन यट-सेन की तस्वीर के सामने पद की शपथ ली।
Author ताइपेई | May 20, 2016 15:25 pm
ऐसे दौर में जब बीजिंग से रिश्तों और बेलगाम अर्थव्यवस्था से ताइवान जूझ रहा है, साई के सामने चुनौतियों की कमी नहीं होगी। – फाइल फोटो

साई के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद एक प्रेजेंटेशन के जरिए इस दीप का इतिहास दिखाया गया। साई के साथ ही स्वतंत्रता चाहने वाली जनतांत्रिक प्रगतिशील पार्टी सत्ता में आ गई है। ऐसे दौर में जब बीजिंग से रिश्तों और बेलगाम अर्थव्यवस्था से ताइवान जूझ रहा है, साई के सामने चुनौतियों की कमी नहीं होगी। चीन ताइवान को अपना क्षेत्र मानता है और साई के चुने जाने के बाद उसने सैन्य अभ्यास के जरिए ताइवान पर दबाव बढ़ा दिया है। ताइवान इन दिनों मंदी से जूझ रहा है क्योंकि मांग बढ़ गई है।

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ताइवान में पिछले आठ सालों से राज कर रही चीन समर्थित पार्टी को मतदाताओं ने नकार दिया था। जनवरी में हुए चुनावों में जीतने वाली पार्टी पहली बार संसद में बहुमत जुटाने में कामयाब रही है। ताइवान की अर्थव्यवस्था चीन के उत्पादों के आगे बौनी होती जा रही है। बीजिंग ने पहले ही चेतावनी दी है कि ताइवान के साथ रिश्ते मधुर नहीं रहेंगे। चीन ये मानता है कि ताइवान आईलैंड और मेनलैंड, दोनों उसका हिस्सा है। बीजिंग के अनुसार, अगर साई इस बात को स्वीकार कर लेती हैं तो चीन ताइवान का साथ देगा।

हालांकि साई ने अभी तक ऐसा कुछ भी नहीं कहा है। लेकिन उन्होंने वादा किया है कि वो स्वतंत्रता में कोई बदलाव नहीं करने जा रही।

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