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‘पापा मेरी आंखें…मुझे कुछ दिख नहीं रहा’, सुबह उठते ही चीखने लगा हवाई हमले में घायल मासूम

सीरिया में पिछले कुछ दिनों में हवाई हमलों में तेजी आई है। अब्‍दुल मोइन अल-हसन का घर ऐसे ही एक हमले की चपेट में आ गया था। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस हादसे में उसके दोनों आंखों की रोशनी चली गई।

हवाई हमले में घायल अब्‍दुल मोइन अल-हसन। (फोटो सोर्स: फेसबुक)

खूनी संघर्ष से जूझ रहे सीरिया में एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। सीरिया में पिछले कुछ दिनों में हवाई हमले तेज हुए हैं। आतंकियों के साथ ही आमलोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे ही एक हवाई हमले में अब्‍दुल मोइन अल-हसन (10 वर्ष से भी कम उम्र) का घर पूरी तरह से तबाह हो गया। हमले में मोइन भी बुरी तरह से घायल हो गया था। उसे बेहतर इलाज के लिए तुर्की के एक अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। मोइन जब होश में आया तो वह कुछ भी देखने में नाकाम था। उसकी दोनों आंखों पर मोटी-मोटी पट्टियां लगी हुई थीं। वह अस्‍पताल के बेड पर ही जोर-जोर से चीखने लगा। वह अपने पिता से कह रहा था, ‘पापा, मेरी आंखें! मैं कुछ भी देख सकता! मैं कुछ भी नहीं देख पा रहा।’ यह कह कर वह बेतहाशा रो रहा था। वीडियो में मोइन के पिता को उसका ढाढस बंधाने की पूरी कोशिश करते हुए देखा जा सकता है। इसके बावजूद मोइन कुछ न देख पाने के कारण लगातार रो रहा था। पिता की गोद भी उसे सहारा देने में नाकाम साब‍ित हो रहा था। हवाई हमले की चपेट में आने से उसकी रोशनी जा चुकी थी। उससे यह सदमा बरदास्‍त नहीं हो रहा था।

अंतरराष्‍ट्रीय संस्‍था ने मोइन के लिए जुटाए 89 हजार: अंतरराष्‍ट्रीय संस्‍था वन नेशन ने मोइन का दर्दनाक वीडियो सोशल साइट पर पोस्‍ट क‍िया है। संस्‍था ने उसके बेहतर इलाज के लिए 990 पोंड (89.33 हजार रुपये) जुटाए हैं। वन नेशन ने मोइन की कई तस्‍वीरें भी पोस्‍ट की हैं। इनमें उसके सीने पर जख्‍म के निशान को देखा जा सकता है। पिछले कुछ दिनों में सीरिया के विद्रोही नियंत्रित इदलिब प्रांत में ताबड़तोड़ हवाई हमले किए गए हैं। इन हमलों में अब तक 13 बच्‍चों की मौत हो चुकी है। मानवाधिकारी संस्‍थाओं की मानें तो 10 जून को हुए हवाई हमले में 40 लोग मारे गए। इस प्रांत में अब भी 10 लाख से ज्‍यादा बच्‍चे रह रहे हैं। आने वाले समय में इदलिब में और हवाई हमले होने की आशंका जताई गई है। बता दें कि सीरिया में महीनों से तीन तरफा संघर्ष चल रहा है। एक तरफ सीरियाई राष्‍ट्रपति बशर अल-असद की सेना है तो दूसरी तरफ विद्रोही गुट के लड़ाके। वहीं, इस्‍लामिक स्‍टेट के आतंकी भी लगातार हमले कर रहे हैं। असद को रूस और विद्रोहियों को अमेरिका का समर्थन प्राप्‍त है।

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