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सीरियाई स्कूल में हवाई हमले, 22 बच्चों सहित 6 टीचर्स की मौत

यूनिसेफ ने कहा, 'यह अत्याचार है और यदि यह जानबूझकर किया गया है तो यह युद्ध अपराध है।’

Author संयुक्त राष्ट्र | Updated: October 27, 2016 3:52 PM
सीरिया के दक्षिण इदलिब के विद्रोही कब्जे वाले शहर हास में बमबारी से ध्वस्त क्लासरूम। (REUTERS/Ammar Abdullah/26 Oct, 2016)

सीरिया में विद्रोहियों के कब्जे वाले इदलिब प्रांत में एक स्कूल पर हुए हवाई हमले में 22 बच्चों एवं छह अध्यापकों की मौत हो गई। बच्चों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यूनिसेफ के निदेशक एंटनी लेक ने बुधवार (26 अक्टूबर) को कहा, ‘यह दु:खद घटना है। यह अत्याचार है और यदि यह जानबूझकर किया गया है तो यह युद्ध अपराध है।’ सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि ‘रूस या सीरिया के युद्धक विमानों ने’ एक स्कूल परिसर समेत हास गांव में ‘छह हमले किए’। लेक ने बताया कि स्कूल परिसर पर ‘बार बार हमले’ किए गए। ऐसी संभावना है कि यह पांच वर्ष से भी अधिक समय पहले शुरू हुए युद्ध के बाद से किसी स्कूल पर अब तक का सबसे घातक हमला हो। सोशल मीडिया पर दिखाई दे रहे एक फोटोग्राफ में दिखाया गया है कि एक बच्चे की बाजू कोहनी के ऊपर तक कटी हुई है लेकिन फिर भी उसने धूल से भरे थैले की पट्टी पकड़ रखी है।

यूनिसेफ के निदेशक ने कहा, ‘इस प्रकार की बर्बरता के प्रति दुनिया की नफरत इस हद तक कब बढ़ेगी जब हम सब इसे रोकने की जिद्द ठान लेंगे?’ हमले के बारे में सवाल पूछे जाने पर रूसी राजदूत वितली चुर्किन ने कहा, ‘यह भयानक है, अत्यंत भयानक । मैं उम्मीद करता है कि हम इसमें शामिल नहीं हैं।’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘मेरे लिए ‘ना’ कहना आसान है लेकिन मैं जिम्मेदार व्यक्ति हूं। मुझे यह देखना होगा कि हमारे रक्षा मंत्री क्या कहते हैं।’ पश्चिमी ताकतें एवं मानवाधिकार समूह सीरियाई सरकारी बलों एवं उनके रूसी सहयोगियों पर असैन्य बुनियादी सुविधाओं पर अंधाधुंध हमले करने का आरोप लगाते रहे हैं। सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के साथ मार्च 2011 में संघर्ष शुरू होने के बाद से सीरिया में 3,00,000 से अधिक लोग मारे गए हैं और देश की आधी से अधिक आबादी विस्थापित हो गई है।

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