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स्विटजरलैंड: मुस्लिम छात्रों के महिला शिक्षकों से हाथ मिलाने से इंकार पर छिड़ी बहस

क्षेत्रीय प्रवक्ता देबोराह मुरिथ ने बुधवार को बताया कि स्कूल का निर्णय संवैधानिक धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी और लैंगिक समानता के बीच संतुलन पर केन्द्रित है।

Author जिनेवा | April 7, 2016 5:46 PM
यह मसला दर्शाता है कि कैसे यूरोपीय अधिकारी नागरिक और धार्मिक अधिकारों के बीच रास्ता निकालने के लिए जूझ रहे है। (Representative Image)

स्विट्जरलैंड के एक उच्च विद्यालय द्वारा दो मुस्लिम लड़कों के धार्मिक कारणों के चलते अपनी महिला शिक्षकों के साथ हाथ नहीं मिलाने के प्रस्ताव को स्वीकार करने पर देश में बहस शुरू हो गयी है जहां पर लंबे समय से बिना लिंग भेद के हाथ मिलाने की परंपरा रही है। बसेल के निकट थेरविल में स्कूल ने हाल ही में किशोरों की इस मान्यता को स्वीकार कर लिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि वे केवल उसी महिला को अपनी इच्छानुसार छू सकते हैं जिससे वे अंतत: शादी करेंगे ।

क्षेत्रीय प्रवक्ता देबोराह मुरिथ ने बुधवार को बताया कि स्कूल का निर्णय संवैधानिक धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी और लैंगिक समानता के बीच संतुलन पर केन्द्रित है। उन्होंने कहा कि स्कूल ने फैसला सुनाया था कि अगर लड़के महिला शिक्षकों के साथ हाथ नहीं मिलाना चाहते हैं तो उनके पुरूष शिक्षकों के साथ हाथ मिलाने पर भी प्रतिबंध होगा। हालांकि, उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर बसेल लैंडसक्राफ्ट क्षेत्रीय सरकार से कानूनी सलाह मांगी है जिस पर अभी फैसला लंबित है ऐसे में यह यह निर्र्णय अस्थायी है।

यह मसला दर्शाता है कि कैसे यूरोपीय अधिकारी नागरिक और धार्मिक अधिकारों के बीच रास्ता निकालने के लिए जूझ रहे है। इस देश में लंबे समय तक ईसाई धर्म का वर्चस्व रहा था लेकिन हाल के दशकों में यहां मुसलमानों की संख्या काफी बढ़ गयी है। स्कूल के निर्णय की कुछ राजनीतिक और धार्मिक नेताओं ने आलोचना की है।

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