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योग दिवस मनाने का संरा का फैसला भारत के ‘सॉफ्ट पावर’ को दिखाता है: सुषमा

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का संयुक्त राष्ट्र का फैसला भारत और उसके बढ़ते ‘‘सॉफ्ट पावर’’ की सराहना को दर्शाता है...

Author June 22, 2015 1:21 PM
सुषमा स्वराज ने कहा, ‘‘पूरा विश्व एक परिवार है और हम योग के साथ इसे एकजुट कर सकते हैं। (फ़ोटो-पीटीआई)

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का संयुक्त राष्ट्र का फैसला भारत और उसके बढ़ते ‘‘सॉफ्ट पावर’’ की सराहना को दर्शाता है।

सुषमा ने यहां संयुक्त राष्ट्र में मनाए गए पहले योग दिवस समारोह को संबोधित किया। वह ‘हिंदू टेम्पल ऑफ नॉर्थ अमेरिका’ में भी इस मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुईं।

‘हिंदू टेम्पल ऑफ नॉर्थ अमेरिका’ के कार्यक्रम में सुषमा ने कहा कि जिस तरह से दुनिया भर में योग दिवस मनाया गया, उससे लगता है कि विश्व ने खुद से पहला योग दिवस मनाया है। उन्होंने कहा कि योग विश्व को भारत के सबसे महत्वपूर्ण उपहारों में से एक है और संयुक्त राष्ट्र का योग दिवस मनाने का फैसला भारत और उसके बढ़ते ‘‘सॉफ्ट पावर’’ के लिए सराहना को रेखांकित करता है।

सुषमा ने कहा कि इस शहर में योग करने वाले हजारों लोगों के लिए नस्ल, धार्मिक अथवा राजनीतिक झुकाव या राष्ट्रीयता ने कोई मायने नहीं रखा। उन्होंने कहा, ‘‘वे सभी योग की शक्ति की चेतना से एकजुट थे।’’

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विदेश मंत्री ने कहा कि ‘आज हमने एक अच्छी शुरुआत की है’ और भविष्य असीम संभावनाओं को समेटे हुए है। सुषमा ने दमा, मधुमेह, नशीले पदार्थ की लत और हृदय संबंधी बीमारी के उपचार में योग के फायदों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘‘योग आत्म-अवलोकन और आत्म..स्वीकारोक्ति के बारे में है।’’

संयुक्त राष्ट्र में कल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में सुषमा ने कहा था कि योग को किसी धर्म विशेष से जोड़कर नहीं देखना चाहिए और यह प्राचीन आध्यात्मिक विधा नकारात्मक आदतों को संपूर्ण रूप से खत्म करके मानवता की सेवा कर सकती है तथा हिंसा और संघर्ष से परेशान दुनिया को शांति के पथ पर ले जा सकती है।

उन्होंने कहा, ‘‘पूरा विश्व एक परिवार है और हम योग के साथ इसे एकजुट कर सकते हैं। जब जातीय संघर्ष और चरमपंथी हिंसा समाज को अस्थिर करने का खतरा पैदा किए हुए हैं तो उस समय योग ऐसी नकारात्मक प्रवृत्तियों को खत्म करते हुए सेवा कर सकता है और हमें सद्भावना और शांति के पथ पर ले जा सकता है।’’

पिछले साल सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने पहले संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाए जाने का विचार रखा था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को योग दिवस मनाने का फैसला किया। योग दिवस मनाए जाने संबंधी प्रस्ताव को 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र में 177 देशों का समर्थन मिला जो महासभा में किसी प्रस्ताव को मिले समर्थन का एक रिकॉर्ड है।

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